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राहुल गांधी के 'धांधली' वाले दावे पर चुनाव आयोग का सख्त जवाब
Shantanu Roy
7 Jun 2025 5:13 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के X पर इस पोस्ट के बाद कि नवंबर 2024 में महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव में 'धांधली' हुई है, भारत के चुनाव आयोग ने उनके दावों का बिंदुवार खंडन करते हुए कहा कि तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है. ईसीआई ने कहा, 'महाराष्ट्र की मतदाता सूची के खिलाफ लगाए गए निराधार आरोप कानून के शासन का अपमान है. चुनाव आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को ही कांग्रेस को दिए गए अपने जवाब में ये सभी तथ्य सामने रखे थे, जो ईसीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते समय इन सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है.'
राहुल गांधी ने भाजपा पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पांच चरणों वाली प्रक्रिया के माध्यम से धांधली करने का आरोप लगाया. उन्होंने चुनाव आयोग से बीजेपी की सांठगांठ होने और मतदान प्रतिशत को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही पैटर्न दोहराया जा सकता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंताओं को साझा करते हुए, राहुल गांधी ने एक समाचार पत्र में लिखे गए अपने लेख का लिंक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र में व्यवस्थित चुनावी हेरफेर का वर्णन किया था. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को 288 में से 235 सीटों के साथ शानदार जीत मिली. ये नतीजे भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुए, जो 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी.
राहुल गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए ईसीआई ने कहा कि कांग्रेस नेता द्वारा तथ्यों को बार-बार पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है. चुनाव आयोग ने कहा कि इस तरह के तथ्यहीन आरोप न केवल कानून के प्रति पूर्ण अवहेलना दिखाता है, बल्कि पार्टी द्वारा नियुक्त हजारों प्रतिनिधियों की ईमानदारी पर भी सवाल खड़े करता है और लाखों चुनाव अधिकारियों का मनोबल गिराता है, जो चुनावों के दौरान अथक मेहनत और पारदर्शी तरीके से काम करते हैं. मतदाताओं का समर्थन नहीं मिलने के कारण अपनी पार्टी के खिलाफ चुनाव नतीजे आने के बाद, यह कहकर चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश करना पूरी तरह से बेतुका है कि चुनाव आयोग ने 'समझौता' कर लिया है.'
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को चरणबद्ध तरीके से रेखांकित किया. राहुल गांधी ने उनके द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा करते हुए आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में फर्जी मतदाताओं को जोड़ा जाता है, मतदान प्रतिशत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है, फर्जी मतदान की सुविधा दी जाती है, और बाद में सबूत छिपाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव कैसे चुराया जाए? 2024 में हुआ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली का एक खाका था. राहुल गांधी ने लिखा, 'मेरा लेख चरण दर चरण दिखाता है कि यह कैसे हुआ. चरण 1: चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में हेराफेरी की गई. चरण 2: मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को जोड़ा गया. चरण 3: मतदान प्रतिशत को बढ़ाया गया. चरण 4: ठीक उन्हीं बूथों पर फर्जी मतदान कराए गए जहां भाजपा को जीतना था. चरण 5: सबूतों को छिपाया गया.'
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, 'यह समझना मुश्किल नहीं है कि महाराष्ट्र में भाजपा इतनी हताश क्यों थी. लेकिन धांधली मैच फिक्सिंग की तरह है- जो पक्ष धोखाधड़ी करता है, वह खेल जीत सकता है. लेकिन इससे संस्थाओं को नुकसान पहुंचाता है और उन पर जनता का विश्वास खत्म होता है. सभी चिंतित भारतीयों को सबूत देखना चाहिए. खुद ही फैसला करें और जवाब मांगें. क्योंकि महाराष्ट्र की मैच फिक्सिंग अब बिहार में भी होगी, और फिर जहां भी भाजपा हार रही होगी वहां होगी.'
राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए ईसीआई ने अपने बयान में कहा, 'महाराष्ट्र सहित भारत में मतदाता सूचियां जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के अनुसार तैयार की जाती हैं. कानून के अनुसार, या तो चुनावों से ठीक पहले और/या हर साल एक बार, मतदाता सूचियों को संशोधन किया जाता है और मतदाता सूचियों की अंतिम प्रति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) सहित सभी राष्ट्रीय/राज्य राजनीतिक दलों को सौंप दी जाती है.' ईसीआई के बयान में आगे कहा गया है, 'महाराष्ट्र चुनाव के दौरान इन मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने के बाद, 9,77,90,752 मतदाताओं के मुकाबले, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (DM) के समक्ष केवल 89 अपीलें दायर की गईं और द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी (CEO) के समक्ष केवल 1 अपील दायर की गई. इसलिए, यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव आयोजित होने से पहले कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल की वोटर लिस्ट को लेकर कोई शिकायत नहीं थी.'
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