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दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना और नगालैंड में मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियों के निस्तारण तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीखों में बदलाव किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
Election Commission of India (ECI) has revised the Special Intensive Revision (SIR) schedule for Maharashtra, Haryana, Andhra Pradesh, Delhi, Telangana and Nagaland through orders dated October 29, 2026. The final electoral rolls for Maharashtra, Haryana, Andhra Pradesh, Telangana and Nagaland will be published on November 30, while Delhi’s final roll is scheduled for December 22. The deadline for disposal of claims and objections is November 20 in Haryana and Andhra Pradesh, November 25 in Maharashtra and Nagaland, November 26 in Telangana, and December 15 in Delhi. The ECI has directed officials to publicise the revised schedules.
— IANS (@ians_india) October 29, 2026
चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 20 नवंबर निर्धारित की गई है। महाराष्ट्र और नगालैंड में यह प्रक्रिया 25 नवंबर तक पूरी की जानी है। तेलंगाना में दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 26 नवंबर रखी गई है।
दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए अधिक समय निर्धारित किया गया है। यहां दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को जारी होगी। एसआईआर प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों का सत्यापन करना और निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत पात्र मतदाताओं के नामों का समावेश, गलत प्रविष्टियों का सुधार तथा मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों की जांच की जाती है।
मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल करने या हटाने से संबंधित मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। मतदाताओं को अपनी जानकारी की जांच करने और नियमानुसार दावे या आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाता है। चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के चुनाव अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाताओं और राजनीतिक दलों को नई तारीखों की जानकारी समय पर मिल सके।
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