
बारावफात इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-अल-अव्वल में मनाया जाता है. हालांकि, पैगंबर मुहम्मद के जन्म की सही तारीख मुस्लिम समुदाय के सुन्नी और शियाया संप्रदायों के अनुसार अलग-अलग है. सुन्नी रबी-अल-अव्वल के 12वें दिन को पैगंबर मुहम्मद की जन्मतिथि मानते हैं. जबकि शिया रबी-अल-अव्वल के 17वें दिन उनकी जन्मतिथि मानते हैं. "मिलाद-उन-नबी" का शाब्दिक अर्थ है- पैगंबर का जन्म. हालांकि, इस दिन को मौलिद के नाम से भी मनाया जाता है. मौलिद अरबी मूल का शब्द है, जिसका अर्थ है जन्म देना.
पैगंबर मुहम्मद का जन्म लगभग 570 ईस्वी में मक्का में हुआ था. पैंगबर मोहम्मद इस्लाम के संस्थापक थे. पैगंबर मोहम्मद को एकेश्वरवाद (यानी ईश्वर एक है) का अंतिम पैगंबर माना जाता है, जो आदम, ईसा और अब्राहम जैसे अन्य पैगंबरों के बाद आए. पैगंबर मुहम्मद छह साल की उम्र में अनाथ हो गए थे, मोहम्मद साहब का पालन-पोषण उनके दादा और फिर चाचा अबू तालिब ने किया था. जब वह 40 साल के थे, तब उन्हें हीरा गुफा में फरिश्ता जिब्रील अलैहिस्सलाम से अल्लाह का पहला संदेश मिला. पैगंबर मोहम्मद को जो संदेश जिब्रील अलैहिस्सलाम से मिला, वही कुरान की पहली आयत है. यह घटना पैगंबर के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी. इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी अल्लाह का संदेश फैलाने में बिताया.





