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Mumbai मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को लगभग 55.85 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों की बहाली प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये संपत्तियां मेसर्स वरॉन एल्युमीनियम प्राइवेट लिमिटेड (वीएपीएल) और उसकी समूह कंपनियों से जुड़े धन शोधन के मामले में कुर्क की गई थीं। इन अचल संपत्तियों की कीमत वर्ष 2021 के मूल्यांकन के अनुसार तय की गई हैं। ईडी ने यह कार्रवाई सीबीआई, बीएसएंडएफसी, मुंबई द्वारा दर्ज की गई उस एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मेसर्स वरॉन एल्युमीनियम प्राइवेट लिमिटेड और अन्य संबद्ध कंपनियों ने बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई को क्रमशः 293.74 करोड़ और 401.25 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का शिकार बनाया।
सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, वीएपीएल की ओर से केनरा बैंक द्वारा 300 करोड़ रुपए का मैनुअल लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) उसकी समूह कंपनी मेसर्स वीएसीपीएल के पक्ष में जारी किया गया था, जिसे फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए बैंक ऑफ इंडिया में बिना उचित सत्यापन के भुना लिया गया। ईडी की जांच में पता चला कि पुराने लेटर ऑफ क्रेडिट का भुगतान करने के लिए नए साख पत्र खोले जा रहे थे। वीएपीएल, वीआईपीएल और अन्य फर्जी संस्थाओं के नाम पर चक्रीय तरीके से ऋण लिए गए, जिससे पुराने ऋण चुकाने अन्य बैंकों से लिए गए कैश क्रेडिट दायित्वों को कम दिखाने और खातों की वित्तीय स्थिति को कृत्रिम रूप से मजबूत दिखाने का काम किया जाता था।
जांच के दौरान ईडी ने कुल 179.27 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों की पहचान कर दो कुर्की आदेश जारी किए। पीएमएलए कानून के अनुसार, जब यह साबित हो जाए कि कोई संपत्ति अवैध माध्यमों से अर्जित हुई है, लेकिन उसका वैध स्वामी निर्दोष है तो ऐसी संपत्तियों को वापस करना अनिवार्य होता है। इसी प्रावधान के तहत ईडी लगातार ऐसे मामलों में पीड़ितों और वैध दावेदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। एसबीआई ने भी इसी प्रावधान का उपयोग करते हुए विशेष पीएमएलए अदालत, मुंबई में कुर्क की गई अचल संपत्तियों पर अपना दावा प्रस्तुत किया। बैंक ने 55.85 करोड़ रुपए मूल्य की तीन संपत्तियों पर अधिकार मांगते हुए एक विविध आवेदन दाखिल किया था।
ईडी ने अदालती सुनवाई के दौरान एक हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया कि उसे एसबीआई के इन संपत्तियों पर दावे पर कोई आपत्ति नहीं है और वह बहाली की प्रक्रिया को समर्थन देता है। इसके बाद, 26 सितंबर 2025 को विशेष पीएमएलए अदालत, मुंबई ने अपना आदेश जारी करते हुए एसबीआई के दावे को मंजूरी दे दी और बैंक को कुल 55.85 करोड़ रुपए मूल्य की तीन अचल संपत्तियों की बहाली का आदेश दिया।
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