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गवाहों को प्रभावित करने के आरोप भी सामने आए
Dehradun देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने नवीन कुमार मित्तल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, मामले में करीब 3.24 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित राशि और फर्जी बैंक खाते के संचालन से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। ED ने यह कार्रवाई उत्तराखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की गई जांच के बाद की है। आरोप है कि जमीन के राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर जमीनों को गलत तरीके से बेचा गया। पुलिस इन मामलों में दो प्रकरणों में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
ED के अनुसार, नवीन कुमार मित्तल को मामले का मुख्य आरोपी और कथित धोखाधड़ी से प्राप्त लाभ का प्रमुख लाभार्थी बताया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सह-आरोपियों को जमीन का असली मालिक दिखाया गया और बाद में उन जमीनों को खरीदारों को बेच दिया गया। जांच में सामने आया कि इस पूरी प्रक्रिया से करीब 3.24 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित राशि प्राप्त हुई। ED का दावा है कि यह रकम सह-आरोपी के नाम पर खोले गए बैंक खाते में जमा की गई और बाद में उन संस्थाओं को ट्रांसफर की गई, जिन पर मित्तल का नियंत्रण था।
फर्जी बैंक खाते की जांच
ED ने बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई। एजेंसी के मुताबिक, केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की जांच में सामने आया कि जिस बैंक खाते को सह-आरोपी के नाम पर बताया गया था, उसका संचालन कथित रूप से नवीन कुमार मित्तल कर रहे थे। ED ने बताया कि मित्तल को पूछताछ के लिए कई बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुए। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।
गवाहों को प्रभावित करने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, मित्तल पर गवाहों को प्रभावित करने और कुछ लोगों को बयान देने से रोकने की कोशिश करने का भी आरोप है। ED का कहना है कि संदिग्ध लेनदेन को सही साबित करने के लिए नए दस्तावेज तैयार करने का प्रयास किया गया। अगस्त 2026 में ED ने मित्तल से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया था। इस दौरान डिजिटल उपकरण और कथित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
गिरफ्तारी के बाद नवीन कुमार मित्तल को देहरादून स्थित PMLA विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें पांच दिन की ED कस्टडी में भेज दिया। ED का कहना है कि जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य मामलों में भी जांच जारी है। एजेंसी ऐसे मामलों में अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाकर PMLA के तहत कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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