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4 दिन की रिमांड पर
Jaipur जयपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर जोनल ऑफिस ने 27 जनवरी 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत मेसर्स डिजी मुद्रा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर प्रकाश चंद जैन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पीएमएलए स्पेशल कोर्ट, जयपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां कोर्ट ने आगे की जांच के लिए ईडी को 4 दिनों की रिमांड दी। ईडी की जांच मध्य प्रदेश के भोपाल एसटीएफ और राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा तथा महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में प्रकाश चंद जैन, रवि जैन और अन्य के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर पर आधारित है। जांच में सामने आया कि आरोपी व्यक्तियों ने मिलकर 'माई विक्ट्री क्लब' नामक ऐप/प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को बहुत ज्यादा रिटर्न का लालच देकर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की। हजारों निवेशकों से सैकड़ों करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए।
पीएमएलए जांच से पता चला कि इकट्ठा किए गए पैसे का बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रमोटरों/डायरेक्टरों, उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और एजेंटों के व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। अपराध से प्राप्त धन का इस्तेमाल परिवार के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। यह एक मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) जैसी फ्रॉड स्कीम थी, जिसमें निवेशकों को उच्च रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया। ईडी ने पहले 31 दिसंबर 2025 को आरोपी व्यक्तियों के कुल 7 ठिकानों (जयपुर और अजमेर में) पर तलाशी ली थी। तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल सबूत और 11.3 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। साथ ही करोड़ों रुपए की अचल संपत्तियों और विभिन्न बैंक खातों में उपलब्ध लगभग 38 लाख रुपए का पता चला। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी रवि जैन (अपराध के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक) दुबई में फरार है। उसने अपराध की कमाई को दुबई भेजकर रियल एस्टेट और अन्य व्यावसायिक उद्यमों में निवेश किया है।
डिजी मुद्रा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड जयपुर स्थित कंपनी है, जिसके डायरेक्टर प्रकाश चंद जैन और रवि जैन हैं। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस बनीपार्क इलाके में है। यह स्कीम 2021 से सक्रिय थी, लेकिन फ्रॉड की शिकायतें कई राज्यों से आईं। निवेशकों को ऐप पर जॉइन करने, कमीशन बेस्ड रिटर्न और डिजिटल/ऑनलाइन निवेश का झांसा दिया जाता था। ईडी की यह कार्रवाई निवेश फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त रुख दिखाती है। हजारों प्रभावित निवेशकों में से कई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में और अधिक संपत्तियां अटैच करने और फरार रवि जैन के प्रत्यर्पण की कोशिश की जा रही है। आगे की जांच जारी है, जिसमें बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों की जांच और अन्य सह-आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जाएगा।
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