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यूनिवर्सिटी फाउंडर गिरफ्तार
Delhi दिल्ली: लाल किला क्षेत्र में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच को तेज करते हुए मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। सिद्दीकी की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली, फरीदाबाद और आसपास के कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी लगातार जारी है। सूत्रों के अनुसार, ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर लाल किला धमाका साजिश से अल फलाह यूनिवर्सिटी का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कनेक्शन है या नहीं। इसका आधार यह है कि हमले के मुख्य साजिशकर्ता डॉक्टर मुजम्मिल और आतंकी उमर नबी का संबंध पहले इस यूनिवर्सिटी से रहा है। दोनों यहां काम कर चुके थे और सुरक्षा एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि कहीं यूनिवर्सिटी परिसर या उससे जुड़े किसी व्यक्ति का उपयोग इस साजिश में तो नहीं किया गया।
जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार तड़के सुबह 5 बजे से ही ईडी की कई टीमें फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर, उसके प्रशासनिक कार्यालयों और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वित्तीय दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात कब्जे में लिए गए हैं। इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच आगे की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएगी। ईडी को शक है कि जावेद अहमद सिद्दीकी से जुड़ी कुछ कंपनियों और संस्थागत खातों के माध्यम से बड़े पैमाने पर धन की हेरफेर हुई है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस अवैध धन का इस्तेमाल किसी आपराधिक या आतंकी गतिविधि के लिए किया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग की गिरफ्तारी इसी संदर्भ में की गई है, जबकि आतंकवाद से जुड़े पहलू की जांच एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियां समानांतर रूप से कर रही हैं।
लाल किले के पास हुए धमाके ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने हमले की जड़ों तक पहुंचने के लिए कई स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। डॉक्टर मुजम्मिल और उमर नबी के गिरफ्तार होने के बाद कई लिंक सामने आए थे, जिनमें अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम भी जुड़ा पाया गया था। इसी वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन और उससे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की जांच को प्राथमिकता दी गई। फरीदाबाद में स्थानीय पुलिस ने भी ईडी की टीमों को आवश्यक सहयोग दिया। छापेमारी के दौरान किसी तरह का विरोध नहीं हुआ, हालांकि यूनिवर्सिटी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई संभव है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेकिन परिसर से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने बताया कि ईडी की कार्रवाई से छात्र और कर्मचारी दहशत में हैं और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी से जांच में सहयोग करने को कहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि जावेद सिद्दीकी की गिरफ्तारी इस मामले में एक बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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