
x
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 260 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों में 10 सांसद भी शामिल थे। प्रदर्शनकारी संसद क्षेत्र से चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि संबंधित इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे और मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई पुलिस थानों का स्टाफ और अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA गठबंधन के कई अन्य नेता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ी आपत्तियों पर कार्रवाई की थी।
पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य कांग्रेस नेता आकाशवाणी भवन परिसर के पास धरने पर बैठ गए। वे कई घंटों तक वहां डटे रहे। बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की और बैरिकेड पार करने की कोशिशें भी हुईं। राहुल गांधी को एक बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराते हुए भी देखा गया। दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से प्रतिबंधित क्षेत्र खाली करने की अपील करती रही।
बाद में हिरासत में लिए गए नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी पुलिस हिरासत में लेने के बाद कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया। इस प्रदर्शन ने चुनाव आयोग, SIR और चुनावी पारदर्शिता को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी राजनीतिक टकराव को एक बार फिर सामने ला दिया है।
Next Story





