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Earthquake: देर शाम भूकंप के तेज झटके, 4.2 रही तीव्रता

jantaserishta.com
10 Oct 2026 8:29 PM IST
Earthquake: देर शाम भूकंप के तेज झटके, 4.2 रही तीव्रता
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उत्तराखंड में कांपी धरती, 4.2 तीव्रता के झटके
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई। भूकंप 10 अगस्त की रात 1 बजकर 21 मिनट 34 सेकंड पर आया। इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे स्थित था। रात के समय अचानक धरती हिलने से कई लोगों की नींद खुल गई और कुछ लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि फिलहाल भूकंप के कारण किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिले में 30.831 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 78.230 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। यह स्थान उत्तरकाशी से लगभग 22 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। रात करीब 1 बजकर 21 मिनट पर अचानक आए झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई। उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। भूकंप के कारण कुछ लोगों की नींद खुल गई। झटके महसूस होते ही कई लोग सुरक्षा के लिए घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप के झटकों के बाद लोगों में चिंता का माहौल रहा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। किसी मकान के क्षतिग्रस्त होने या किसी व्यक्ति के घायल होने की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है। उत्तरकाशी उत्तराखंड का पर्वतीय जिला है। हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यह इलाका भूकंपीय गतिविधियों की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। हिमालय का निर्माण भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों की परस्पर गति से जुड़ा है। इन प्लेटों की गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं।
भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज होने का अर्थ है कि यह मध्यम से कम तीव्रता वाला भूकंप था। हालांकि, किसी भूकंप का वास्तविक प्रभाव केवल उसकी तीव्रता पर निर्भर नहीं करता। भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी, स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियां और भवनों की संरचना भी उसके प्रभाव को निर्धारित करती हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र देश में होने वाली भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी करता है। केंद्र भूकंप का समय, स्थान, तीव्रता और गहराई जैसी जानकारियां जारी करता है। उत्तरकाशी में आए इस भूकंप के संबंध में भी केंद्र की ओर से संबंधित भौगोलिक विवरण उपलब्ध कराए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान घबराकर भागने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहना महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई व्यक्ति घर के अंदर है, तो उसे मजबूत मेज के नीचे आश्रय लेना चाहिए और सिर तथा गर्दन को सुरक्षित रखना चाहिए। झटके जारी रहने के दौरान सीढ़ियों और लिफ्ट का उपयोग करने से बचना चाहिए। वहीं, यदि कोई व्यक्ति पहले से खुले स्थान पर मौजूद है, तो उसे इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहना चाहिए। भूकंप के झटके समाप्त होने के बाद आसपास की स्थिति देखकर सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना उचित होता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप के बाद ढलानों और कमजोर संरचनाओं के आसपास विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ऐसे स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसे खतरे भी हो सकते हैं। हालांकि, उत्तरकाशी में आए इस भूकंप के कारण भूस्खलन होने की कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। फिलहाल उत्तरकाशी में आए 4.2 तीव्रता के भूकंप से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं है। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया है। देर रात आए झटकों से लोग जरूर सहम गए, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं हुई है।
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