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DSP की हत्या का मामला, आरोप में फंसे युवक को तत्काल रिहा करने का आदेश

Nilmani Pal
7 April 2026 6:48 AM IST
DSP की हत्या का मामला, आरोप में फंसे युवक को तत्काल रिहा करने का आदेश
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यूपी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर में एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी बीवी फरजाना की हत्या के मामले में अभियुक्त रेयान की फांसी की सजा रद्द कर दी है। कोर्ट ने उसे अपराध से बरी करते हुए तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपीलार्थी को फांसी की सजा देने में गंभीर गलती की है, इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि ट्रायल कोर्ट हमारे सिस्टम में भय की सबसे निचली पायदान पर है। यह कोर्ट मानती है कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय और आदेश रद्द किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों का संदिग्ध आचरण स्पष्ट नहीं हुआ है। जिस अधिकारी व उनकी पत्नी की हत्या की गई वह कई हाई प्रोफ़ाइल मामलों की जांच कर रहे थे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित थे। इसमें आतंकवाद के मामले भी शामिल थे। पुलिस ने घटनास्थल पर महीनों तक डेरा डाला ताकि मामले को सुलझाया जा सके। आसपास के कई व्यक्तियों को कई दिनों तक हिरासत में रखा, जैसा गवाह क्रमांक दो तीन व 12 ने स्वीकार किया लेकिन कोई विश्वसनीय सुराग नहीं मिला। इसी मामले में अभियुक्त मुनीर (अपील लंबित रहने के दौरान मौत हो गई) स्थानीय अपराधी था। रेयान को उसके गिरोह का सदस्य बताया गया। मोहम्मद तंजील के भाई मोहम्मद राघिब मसूद ने तीन अप्रैल 2016 को बिजनौर के थाना श्योहारा में आईपीसी की धारा 307 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मौत की सजा सुनाई थी। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

हालांकि जब मामला हाईकोर्ट आया तो न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता व न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की राय अलग-अलग थी। एक न्यायमूर्ति ने रेयान को बरी करने का निर्णय दिया जबकि दूसरे ने उसकी सजा आजीवन कारावास में बदल दी। प्रकरण चीफ जस्टिस के पास संदर्भित कर दिया गया। इसके बाद न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने यह फैसला सुनाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी की भतीजी का निकाह श्योहारा के बंधन बैंक्वेट हाल में हो रहा था। इसमें उनके भाई, भाभी, भतीजी ज़िमनिश और भतीजे शाहबाज़ भी शामिल होने पहुंचे थे। शादी के बाद उनके भाई वैगनार कार में पत्नी, बेटी और बेटे के साथ विवाह स्थल से निकल गए। वह भी दूसरी कार में परिवार के साथ थे। साहसपुर की ओर ताल कटोरा नाले के पास दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे और मोटरसाइकिल को कार के पास रोक दिया। उन्होंने मोहम्मद तंजिल और फरजाना पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। शोर मचाने पर हमलावर भाग निकले। अभियोजन पक्ष हत्या में आरोपी के लिप्त होने का पुख्ता सबूत नहीं जुटा सका। कोर्ट ने कहा कि सेशन कोर्ट ने साक्ष्यों को समझने में गलती की।

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