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Delhi दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने DSK ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य के 14 आवासीय फ्लैट वापस कर दिए हैं। इन संपत्तियों का कब्जा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद Successful Resolution Applicant को सौंपा गया है। ED के मुंबई जोनल ऑफिस ने बताया कि ये फ्लैट M/s DSK Southern Projects Pvt. Ltd. और अन्य के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच के दौरान एजेंसी के कब्जे में लिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के 16 जुलाई 2026 के आदेश के बाद 14 अगस्त 2026 को इन सभी फ्लैट्स का कब्जा संबंधित पक्ष को सौंप दिया गया।
ED के अनुसार, सभी 14 फ्लैट कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित Hulimavu Village, Begur Hobli इलाके में बने ‘Mantri DSK Pinnacle’ प्रोजेक्ट में हैं। इन संपत्तियों की बाजार कीमत करीब 70 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले की जांच की शुरुआत पुणे आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। यह एफआईआर DSK ग्रुप के दीपक सखाराम कुलकर्णी और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी। ED ने PMLA के तहत जांच शुरू करते हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं और निवेशकों से जुटाई गई रकम के गलत इस्तेमाल की जांच की।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित तौर पर निवेशकों से फ्रॉड डिपॉजिट स्कीम के जरिए जुटाई गई राशि को अलग-अलग माध्यमों से डायवर्ट और लेयर किया गया। जांच में अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) की कीमत करीब 1,129 करोड़ रुपये आंकी गई थी। ED ने कार्रवाई के दौरान DSK ग्रुप से जुड़ी करीब 904 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था। यह कार्रवाई 14 फरवरी 2019 को जारी Provisional Attachment Order (PAO) के जरिए की गई थी। बाद में PMLA के तहत Adjudicating Authority ने इस अटैचमेंट की पुष्टि कर दी थी।
इसके बाद ED ने मुंबई की विशेष PMLA अदालत में Prosecution Complaint भी दाखिल की थी। अदालत ने एजेंसी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की थी। ED का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और PMLA की धारा 8(8) के प्रावधानों के तहत इन 14 फ्लैट्स को Successful Resolution Applicant को वापस किया गया है। एजेंसी ने कहा कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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