भारत
तुर्किये से भारत लाया गया ड्रग नेटवर्क का आरोपी, फर्जी पहचान से नागरिकता लेने और ड्रग तस्करी के आरोप
jantaserishta.com
3 Oct 2026 2:19 PM IST

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नई दिल्ली: भारत ने तुर्किये से कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े आरोपी नवप्रीत सिंह को वापस लाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को इसकी जानकारी दी और इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। नवप्रीत पर फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता लेने और अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन व मेथामफेटामाइन की तस्करी कराने के आरोप हैं। भारत आने के बाद उससे कथित नेटवर्क और ड्रग्स की सप्लाई से जुड़े मामलों में पूछताछ की जा सकती है।
नवप्रीत सिंह पर क्या आरोप हैं?
अमित शाह के अनुसार, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी। आरोप है कि वहां वह नवाब विर्क नाम का इस्तेमाल कर रहा था। इस दावे के बाद नवप्रीत सिंह की पहचान और तुर्किये की नागरिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उस पर अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क को संचालित करने का आरोप है। भारतीय एजेंसियों ने जांच के दौरान उसकी असली पहचान का पता लगाया। इसके बाद उसे तुर्किये से भारत वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
भारत पहुंचने के बाद नवप्रीत को ड्रग तस्करी और अन्य कथित अपराधों से जुड़े मामलों में हिरासत में रखा गया है। उसके खिलाफ लगे आरोपों पर आगे की कार्रवाई जांच और अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगी।
भारत में नेटवर्क से कौन जुड़ा था?
जांच एजेंसियां नवप्रीत सिंह को भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच चल रहे कथित मादक पदार्थ नेटवर्क से जोड़ती रही हैं। उसे इस नेटवर्क का तुर्किये में मौजूद कथित मुख्य संचालक बताया गया है। जांच में उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह का नाम भी सामने आया था। उस पर भारत में नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों को संभालने का आरोप था। जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रभदीप नवप्रीत और भारत में मौजूद अन्य आरोपियों के बीच संपर्क का काम करता था। दोनों की भूमिका को लेकर जांच में कई कड़ियां सामने आने की बात कही गई है।
2021 में शुरू हुई थी नेटवर्क की जांच
इस मामले की जांच वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। दक्षिण दिल्ली में रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई। इसी पूछताछ में एक बड़े कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई। जांच आगे बढ़ने पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और अन्य इलाकों तक नेटवर्क के तार पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद फरीदाबाद में बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई।
जांच के मुताबिक, एक वाहन से करीब 166 किलो और दूसरे वाहन से करीब 115 किलो हेरोइन मिली थी। एजेंसियों के अनुसार, विदेश से भारत तक नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए अलग-अलग लोगों का इस्तेमाल किया जाता था। नवप्रीत पर विदेश से इस पूरे नेटवर्क को चलाने का आरोप था, जबकि भारत में मौजूद लोग कथित तौर पर ड्रग्स की खेप आगे पहुंचाते थे।
जांच में कितनी बड़ी बरामदगी हुई?
मामले की जांच के दौरान फरीदाबाद में दो अलग-अलग वाहनों से कुल करीब 166 किलो और 115 किलो हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा एक ठिकाने से करीब 70 किलो हेरोइन और मन:प्रभावी पदार्थ बरामद होने की बात कही गई। एक अफगान नागरिक से हेरोइन के साथ नशीले पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन भी मिले थे। जांच में भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई। इसी जांच में प्रभदीप को भारत में नेटवर्क की गतिविधियों से जोड़ा गया, जबकि नवप्रीत को तुर्किये में कथित मुख्य संचालक बताया गया।
अजरबैजान से प्रभदीप को लाया गया था भारत
नवप्रीत के कथित नेटवर्क की जांच के दौरान प्रभदीप सिंह की भूमिका भी सामने आई। मई 2026 में भारतीय एजेंसियां उसे अजरबैजान से भारत लेकर आई थीं। उसे बाकू में ट्रेस किया गया था। प्रभदीप के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी था। उसकी भारत वापसी की प्रक्रिया में केंद्रीय जांच ब्यूरो और दिल्ली पुलिस ने काम किया। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी इसमें समन्वय किया।
भारत के इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में सीबीआई ने भारतपोल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी एजेंसियों के साथ संपर्क किया। इसके बाद अजरबैजान की कार्रवाई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी हुई।
अब नवप्रीत से क्या जानकारी सामने आ सकती है?
भारत लौटने के बाद जांच एजेंसियां नवप्रीत से कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ड्रग्स की सप्लाई के रास्तों को लेकर पूछताछ कर सकती हैं। अफगानिस्तान से भारत तक नशीले पदार्थ पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है।
इसके अलावा तुर्किये में फर्जी पहचान और नागरिकता हासिल करने में किसने उसकी मदद की, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। भारत में उसके संपर्क और कथित नेटवर्क की संरचना की भी जांच हो सकती है।
अमित शाह ने कहा है कि सरकार दिसंबर 2029 तक हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब नवप्रीत के खिलाफ आगे की जांच और अदालत की प्रक्रिया से यह सामने आएगा कि आरोपों को लेकर आगे कौन से तथ्य सामने आते हैं।
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