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संपत्ति
Shimla शिमला: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिमला उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने भ्रष्टाचार, जालसाजी, धोखाधड़ी, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और आपराधिक षड्यंत्र के मामलों में सहायक औषधि नियंत्रक (मुख्यालय) निशांत सरीन को गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विनियमन निदेशालय, हिमाचल प्रदेश में तैनात सरीन को 9 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। ईडी ने उन्हें विशेष न्यायालय (पीएमएलए), शिमला के समक्ष पेश किया, जहां 14 अक्टूबर तक रिमांड स्वीकृत हुआ। मामले की जांच जारी है। ईडी की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी), हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।
सरीन, जो तब बद्दी में सहायक औषधि नियंत्रक (एडीसी) थे, पर रिश्वतखोरी और पद का दुरुपयोग का आरोप है। एसवी एंड एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार कर सहयोगी कोमल खन्ना के साथ आरोप-पत्र दाखिल किया। इसके अलावा, हरियाणा के पंचकूला पुलिस ने 29 अक्टूबर 2022 को एफआईआर संख्या 215/2022 दर्ज की, जिसमें झेनिया फार्मास्युटिकल्स, पंचकूला के साझेदारी विलेख की जालसाजी का मामला है। आरोप है कि सरीन और खन्ना ने छल-कपट व धमकी से खन्ना का हिस्सा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत कर दिया। 23 सितंबर 2025 को एसवी एंड एसीबी ने एफआईआर संख्या 08/2025 दर्ज की, जिसमें सरीन पर ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
1 अप्रैल 2002 से 21 अगस्त 2019 तक की जांच अवधि में 1.66 करोड़ रुपए की राशि जब्त की गई। ईडी ने पाया कि सरीन ने हिमाचल प्रदेश सरकार में औषधि निरीक्षक व एडीसी रहते दवा कंपनियों के प्रबंधकों से रिश्वत ली। इससे भारतीय दंड संहिता, 1860 की धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी व षड्यंत्र सहित अनुसूचित अपराधों से अवैध आय कमाई, जिसका उपयोग विलासितापूर्ण जीवन व संपत्ति खरीदने में किया। जून-जुलाई 2025 में ईडी के छापेमारी अभियानों में 32 लाख रुपए के दो वाहन और 65 लाख रुपए के सोने के आभूषण जब्त हुए। सरीन के 48 बैंक खाते/एफडीआर (2.23 करोड़ रुपए) व तीन लॉकर फ्रीज किए गए। छापों में 60 से अधिक अनियंत्रित शराब की बोतलें भी बरामद हुईं। ईडी ने कहा कि सरीन के परिवार व सहयोगियों के वित्तीय लेन-देन पर नजर है।
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