
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को अंगोला और बोत्सवाना का अपना छह दिवसीय राजकीय दौरा खत्म कर दिल्ली के लिए रवाना हुईं. इससे पहले प्रोजेक्ट चीता के अगले चरण के लिए अफ्रीकी देश बोत्सवाना ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आठ चीते प्रतीकात्मक रूप से सौंपे. क्वारंटीन के बाद सभी आठ चीते भारत लाए जाएंगे.
बोत्सवाना की राजधानी गाबोरोने में राष्ट्रपति डूमा गिदोन बोको ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के बाद विदा किया. राष्ट्रपति मुर्मू की आठ से 13 नवंबर तक हुई यह यात्रा किसी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा इन दोनों अफ्रीकी देशों का पहला दौरा था. भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) सुधाकर दलेला ने राष्ट्रपति के प्रस्थान-पूर्व एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यह दौरा पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के साथ जुड़ाव को भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली उच्च प्राथमिकता को दर्शाता है.
उन्होंने बताया कि बोत्सवाना में भारत ने आर्थिक, विकास और प्रौद्योगिकी में सहयोग मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की. दलेला ने कहा कि हीरा उत्पादन में बोत्सवाना को भारत क्षमता निर्माण सहयोग देगा. उन्होंने बताया कि इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत में विलुप्त हो चुके चीतों के एक स्थानांतरण समझौते के तहत आठ बोत्सवाना चीतों की प्रतीकात्मक सुपुर्दगी ली.





