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Delhi दिल्ली: पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रसिद्ध समाजसेवी और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता पर कार्य करने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए मां भारती का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के बच्चों में बढ़ते कुपोषण की समस्या को देशभर में उजागर करना बेहद जरूरी है और इस दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
डॉ. गोडबोले ने कहा कि वे लंबे समय से जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों के कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी कई आदिवासी समुदायों को कुपोषण के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसके कारण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर गंभीर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं है, लेकिन यदि समाज, सरकार और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य करें तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मान के माध्यम से जनजातीय समाज में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
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