
गाजियाबाद। सीबीआई गाजियाबाद की टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते मेरठ सीजीएसएच कार्यालय की अतिरिक्त निदेशक डॉ. नताशा और उनके ड्राइवर (निजी सहायक) सनी को गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को दोनों को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में पेश किया गया, कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। सीजीएचएस मुरादाबाद में तैनात जूनियर हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट को मेरठ ट्रांसफर करने के नाम पर 80 हजार रुपये की रकम मांगी गई थी। तरुण ने सीबीआई से शिकायत की, जिसके बाद केस दर्ज किया गया। सीबीआई टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते सनी को रंगेहाथ दबोच लिया और फिर डॉ. नताशा को पकड़ा। डॉ. नताशा के गंगानगर स्थित आवास से लाखों की नकदी और जेवरात बरामद हुए हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सीजीएचएस मेरठ में तरुण कुमार निवासी गुप्ता कॉलोनी बागपत रोड जूनियर हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट पद पर कार्यरत थे। फरवरी 2026 में इनका ट्रांसफर मुरादाबाद कर दिया गया था। पारिवारिक स्थिति का हवाला देकर तरुण कुमार ने वापस मेरठ के लिए ट्रांसफर मांगा था। आरोप है कि डॉ. नताशा के कहने पर उनके चालक सनी ने इस काम के लिए 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
सीजीएचएस कार्यालय में सीबीआई की ओर से भ्रष्टाचार के भंडाफोड़ और रिश्वतखोरी के आरोप में विभाग की एडिशनल डायरेक्टर डा. नताशा वर्मा और उनके चालक (निजी सहायक) सनी को रंगे हाथों गिरफ्तार किये जाने के बाद सरकार ने डॉ. नताशा को हटा दिया है। उनके स्थान पर डॉ. मनीषा मित्तल को प्रभारी एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया है। डॉ. मनीषा ने शुक्रवार को ही चार्ज ग्रहण कर लिया। वैसे डॉ. मनीषा मित्तल को पूर्व में एडिशनल डायरेक्टर अजय कुमार गोयल की गिरफ्तारी के बाद भी चार्ज दिया गया था। बाद में नताशा वर्मा की पोस्टिंग हुई थी। उधर, सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने डॉ. नताशा वर्मा और सनी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सीबीआई इस मामले में यह भी तलाश रही है कि क्या इस सिंडिकेट में अन्य लोग भी शामिल थे। इस कार्रवाई से विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।





