
मुंबई। महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. इसके संकेत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया बयानों से मिलते हैं. सूत्रों की मानें तो शिंदे और मुख्यमंत्री फडणवीस के बीच कोल्ड वॉर की स्थिति है. इस बीच शुक्रवार को एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर दो दिन पहले दिया अपना 'टांगा पलटने' वाला बयान दोहराया.
पत्रकारों ने शिंदे से जब उनके इस बयान के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कहा, 'ये तो मैंने पहले ही कहा है, जिन्होंने मुझे हल्के में लिया है... मैं एक कार्यकर्ता हूं, सामान्य कार्यकर्ता हूं. लेकिन बाला साहेब और दिघे साहेब का कार्यकर्ता हूं. ये समझ के मुझे सबने लेना चाहिए और इसलिए जब हल्के में लिया तो 2022 में टांगा पलटी कर दिया. सरकार को बदल दिया और इसलिए मुझे हल्के में मत लेना, ये इशारा जिन्हें समझना है वे समझ लें.'
एकनाथ शिंदे का 2022 में टांगा पलटने से मतलब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले एमवीए शासन के पतन से था. तब शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना (अविभाजित) के 40 से अधिक विधायकों ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी. उनका कहना था कि 2019 के चुनाव में महाराष्ट्र की जनता ने शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन को जनादेश दिया था, लेकिन उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन में सरकार बना ली.





