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FB लाइव पर रोने लगा डॉक्टर, कहा - कोरोना मरीजों की मौत देखना दुखद

Admin2
15 May 2021 2:47 PM GMT
FB लाइव पर रोने लगा डॉक्टर, कहा - कोरोना मरीजों की मौत देखना दुखद
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कोरोना का कहर

नई दिल्ली। देश कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है. गांव हो या शहर. हर तरफ मातम की कहानियां हैं. सोशल मीडिया ऐसी कहानियों से भरे पड़े हैं. लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं, तो स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पिछले एक साल से डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी जीवन और मौत के बीच अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन उनके सीने में भी छुपा दर्द अब फूट-फूट कर बाहर आ रहा है. कोलकाता के एक डॉक्टर का वीडियो सामने आया है, जो फेसबुक पर कोरोना वायरस त्रासदी के बारे में चर्चा करते हुए फफक पड़े. डॉक्टर अनिर्बन बिस्वास ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोविड के हल्के से भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत दवा शुरू कर दें. उन्होंने बताया कि कैसे इलाज में देरी के चलते लोगों की मौत हो जा रही है और बुजुर्गों के लिए स्थिति बिगड़ जाती है.

समय पर इलाज की बात करते हुए डॉक्टर बिस्वास ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार कोरोना ने तबाही मचा रखी है. उन्होंने कहा कि स्थितियां ऐसी हो गई हैं कि ऊबन होने लगी हैं और पता नहीं कि ये कब तक चलेगा. इस दरम्यान बात करते हुए डॉक्टर बिस्वास हाथ जोड़कर रोने लगे और लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्लीज कोरोना गाइडलाइंस का पालन करिए और अपने बुजुर्गों के लिए संक्रमण की शुरुआत में ही मेडिकल इलाज की व्यवस्था करें. डॉक्टर बिस्वास अपने वीडियो में लगातार दोहरा रहे थे कि पिछले साल के मुकाबले इस साल डॉक्टरों की स्थिति इस साल बेहद खराब है, बहुत सारे मरीजों को इस साल स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिल नहीं रही है और लोगों की जान न बचा पाने का बेहद दुख हो रहा है.

ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी डॉक्टर ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपील करते हुए अपनी व्यथा सुनाई है. इससे पहले भी कई डॉक्टरों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी कहानी सुनाई है. क्लिनिकल केयर मेडिसिन की एक डॉक्टर दीपशिखा घोष ने ट्वीट करते हुए कहा था, "प्लीज, प्लीज मास्क पहनिए. मैं दूसरे लोगों का तो नहीं जानती लेकिन मैं शारीरिक और मानसिक तौर पर थक चुकी हूं. शिफ्टों में मौत इतनी देखी है, जितनी कि मैंने पूरी सर्विस में नहीं देखी. अगर आपको थोड़ी भी चिंता नहीं है तो कोविड यूनिट्स के भीतर जाकर देखिए, फिर समझ आएगा."

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