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Bengaluru बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में सूखे की स्थिति, पेयजल संकट और चारे की समस्या को लेकर विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने सभी विधायकों और एमएलसी के साथ बैठक की, जिसमें सरकार के कामकाज और प्राथमिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीके शिवकुमार ने कहा कि बैठक में 95 प्रतिशत से अधिक विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हुए। इसमें मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक के दौरान राज्य की मौजूदा परिस्थितियों और आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य नई सरकार के कामकाज को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाना और जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान करना था। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। कई इलाकों में पानी की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में सरकार को पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।
डीके शिवकुमार ने बताया कि बैठक में पेयजल संकट के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सूखे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों से उनके क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं की जानकारी ली गई। स्थानीय स्तर पर आने वाली परेशानियों को समझकर सरकार बेहतर योजनाएं तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका जनता और सरकार के बीच मजबूत संपर्क बनाने में महत्वपूर्ण होती है।
बैठक में राज्य के विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार की आगामी योजनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायकों और मंत्रियों को जनता से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। कर्नाटक में मानसून और मौसम की स्थिति को देखते हुए सरकार लगातार हालात की समीक्षा कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता, कृषि गतिविधियों और पशुपालन से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूखे और पेयजल संकट से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री और विधायकों की यह बैठक राज्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीति तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार अब क्षेत्रीय स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी।
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