अजमेर दरगाह के दीवान का गुस्सा फूटा, चीन को भी बालाकोट जैसा सबक सिखाए भारत

जयपुर न्यूज़: अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में एलएसी के पास अतिक्रमण करने की चीन की कोशिश को भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया और पीछे भागने पर मजबूर कर दिया. तवांग सेक्टर में चीन की इस हरकत पर अजमेर दरगाह के दीवान का गुस्सा फूटा है और उन्होंने चीन को भी बालाकोट जैसा सबक सिखाए जाने की वकालत की है. अजमेर के सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख एवं वंशानुगत सज्जादानशीन दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने मंगलवार को कहा कि यह ज़रूरी है कि भारत चीन को भी बालाकोट जैसा सबक सिखाए.
अजमेर दरगाह के दीवान ने कहा, 'चीन आए दिन भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करता रहता है. भारतीय सैनिकों से झड़प की खबरें आती रहती है. हमें गर्व है कि हमारी सेना के शूरवीर उसे कामयाब नहीं होने देते. चीन की रोज-रोज की इस नापाक हरकत पर विराम लगाने के लिए यह जरूरी है कि भारत चीन को भी बालाकोट जैसा सबक सिखाए.'
दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख ने कहा कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति और मधुर संबंध पर जोर देता रहा है लेकिन पड़ोसी देश भारत के इस व्यवहार को कमजोरी ना समझे. एक बयान में उन्होंने कहा, 'आज चीन हो या कोई भी देश, भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने में किसी भी हद तक जा सकता है. जिसकी जीती-जागती मिसाल दुनिया के सामने बालाकोट है. चीन को अपनी नापाक हरकतों से बाज आना ही होगा नहीं तो वह यह ध्यान रखे कि यह नया भारत है.'
बता दें कि भारतीय सेना ने सोमवार को बताया था कि भारतीय और चीनी सैनिकों की तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए. पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच पिछले शुक्रवार को संवेदनशील सेक्टर में एलएसी पर यांग्त्से के पास झड़प हुई.





