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बालाघाट में अस्पताल पर बढ़ा दबाव
Balaghat बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी इलाकों में बच्चों के बीमार होने का मामला गंभीर होता जा रहा है। बिरसा विकासखंड के कई गांवों में बच्चे बुखार, उल्टी-दस्त, मलेरिया, डायरिया, खसरा और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों की चपेट में हैं। जिला अस्पताल में इस समय 56 बच्चे भर्ती बताए जा रहे हैं। बच्चों की संख्या बढ़ने के कारण 50 बेड वाले बच्चा वार्ड में एक बेड पर 3 से 4 बच्चों का इलाज करना पड़ रहा है।
कई गांवों में फैली बीमारी
बिरसा विकासखंड के कुंडेकसा, अडोरी, कोरका और बोंदारी समेत कई गांवों में बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है। बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त, मलेरिया और डायरिया के अलावा खसरा और मौसमी बीमारियों के लक्षण भी बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रभावित इलाकों में मलेरिया के मरीज भी मिल रहे हैं। इसके अलावा चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज और टायफाइड जैसी बीमारियों की भी जानकारी सामने आई है।
अस्पताल में बढ़ा दबाव
बच्चों की बढ़ती संख्या के चलते जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है। बच्चा वार्ड में जगह कम पड़ने के कारण एक बेड पर तीन से चार बच्चों का इलाज किया जा रहा है। हालात को देखते हुए अस्पताल में अतिरिक्त बेड लगाए जा रहे हैं। कोविड-19 के दौरान तैयार किए गए आईसीयू वार्ड में भी बीमार बच्चों को भर्ती किया गया है। कुछ बच्चे इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौटने के बावजूद दोबारा बीमार पड़कर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंच रही हैं। वहां स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की जांच और उपचार किया जा रहा है। मलेरिया और मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए दवा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जा रही है।
वहीं, एक ही इलाके में बच्चों की बीमारी और मौतों को लेकर 27 बच्चों की मौत का दावा भी सामने आया है। हालांकि, मौतों की वास्तविक संख्या और इनके कारणों को लेकर आधिकारिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग बीमारी के कारणों और संक्रमण के संभावित स्रोतों की जांच में जुटा है।
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