भारत
दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का ऐलान, राम मंदिर को लेकर लगाए गंभीर आरोप
jantaserishta.com
4 Oct 2026 5:04 PM IST

x
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक लंबी पदयात्रा का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से उनकी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ शुरू होगी। करीब 1000 किलोमीटर लंबी यह यात्रा अयोध्या तक जाएगी। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, इस यात्रा का उद्देश्य धर्म के नाम पर कथित तौर पर हो रही आर्थिक गतिविधियों और आस्था के राजनीतिक इस्तेमाल के खिलाफ आवाज उठाना है।
उन्होंने कहा कि यात्रा की शुरुआत महाकाल के दर्शन और आशीर्वाद के साथ होगी। रास्ते में वे ओरछा पहुंचकर राम राजा के दर्शन करेंगे और फिर अयोध्या जाएंगे। यात्रा का समापन रामलला के मंदिर में किया जाएगा।
सनातन धर्म को लेकर RSS और सावरकर पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म की अपनी व्याख्या रखते हुए RSS और विनायक दामोदर सावरकर की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व की राजनीतिक व्याख्या के कारण सनातन की मूल भावना बदल गई है।
उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी की धार्मिक सोच में सभी समुदायों के लिए सम्मान और गरीब तथा कमजोर लोगों के लिए काम करना शामिल था। दिग्विजय के मुताबिक, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानना सनातन की महत्वपूर्ण भावना है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में ‘हिंदू’ शब्द का उल्लेख नहीं मिलता और इस शब्द की उत्पत्ति फारसी भाषा से जुड़ी है। हालांकि, इस तरह के ऐतिहासिक और भाषाई दावों को लेकर अलग-अलग विद्वानों के बीच मतभेद रहे हैं।
राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे पर लगाए आरोप
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और मंदिर में आने वाले चढ़ावे को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के लिए मिले धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता नहीं रही और निर्माण से जुड़े कामों में भी कथित अनियमितताएं हुईं।
उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी का दावा भी किया। उनके अनुसार, नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के सामान की चोरी से जुड़े मामले सामने आए हैं। उन्होंने CCTV फुटेज से जुड़े भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि चोरी की कुल रकम 200 से 300 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं होती है, इसलिए इन्हें दिग्विजय सिंह के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
मंदिर निर्माण, ठेकों और जमीन को लेकर भी सवाल
दिग्विजय सिंह ने मंदिर निर्माण की लागत और ठेकों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि शुरुआत में निर्माण की अनुमानित लागत करीब 800 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि बाद में खर्च इससे काफी अधिक हुआ।
उन्होंने निर्माण कार्यों में कथित कमीशन, मंदिर के आसपास जमीन खरीद और प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़े खर्चों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं से मिलने वाले धन के इस्तेमाल का विस्तृत हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए।
उन्होंने 1989 के रामशिला पूजन अभियान का भी जिक्र किया और उस दौरान जुटाए गए धन तथा चांदी की ईंटों का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। दिग्विजय ने दावा किया कि उस समय बड़ी रकम जुटाई गई थी, जबकि VHP की ओर से बताई गई राशि इससे अलग है।
धर्म को राजनीति और कमाई का जरिया न बनाने की अपील
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके लिए धर्म का मतलब व्यक्ति के भीतर बदलाव लाना है। उनके अनुसार, राम के आदर्शों को मानने वाला व्यक्ति हिंसा, अन्याय और भ्रष्टाचार से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म का इस्तेमाल न तो धन कमाने के लिए होना चाहिए और न ही राजनीतिक फायदे के लिए। इसी संदेश के साथ वे अपनी पदयात्रा को आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
दिग्विजय ने यह भी कहा कि यात्रा किसी एक वर्ग या विचारधारा तक सीमित नहीं होगी। उनके मुताबिक, अलग-अलग समुदायों और विचारों से जुड़े लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक यात्रा के बजाय आस्था और सनातन की मूल भावना से जुड़ा अभियान बताया है।
महाकाल से रामधाम तक जाएगी पदयात्रा
दिग्विजय सिंह ने अपनी यात्रा को ‘शिवधाम से रामधाम’ तक की यात्रा बताया है। उज्जैन में महाकाल के दर्शन से शुरुआत के बाद यह यात्रा कई स्थानों से होकर अयोध्या पहुंचेगी। उनका कहना है कि वे महाकाल से धर्म के नाम पर कथित लूट और आस्था के राजनीतिक इस्तेमाल के खिलाफ लड़ने की शक्ति मांगेंगे। अयोध्या पहुंचकर वे रामलला के सामने श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा की प्रार्थना करेंगे।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





