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गांधी जयंती कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह की जुबान फिसली, गोडसे को लेकर बयान पर चर्चा

SHIDDHANT
2 Oct 2026 8:17 PM IST
गांधी जयंती कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह की जुबान फिसली, गोडसे को लेकर बयान पर चर्चा
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भोपाल: भोपाल में गांधी जयंती के कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक बयान चर्चा में आ गया। महात्मा गांधी की अहिंसा और विचारधारा पर बोलते हुए उन्होंने ऐसी ताकतों से लड़ने की बात कही, जिन्होंने “नाथूराम गोडसे की हत्या की थी।” हालांकि, उनके पूरे बयान का संदर्भ गांधी की हत्या और गांधीवादी विचारधारा के विरोध से जुड़ा था। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि भी दी।
भोपाल में कांग्रेस ने आयोजित किए श्रद्धांजलि कार्यक्रम
गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर कांग्रेस की ओर से भोपाल में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। मिंटो हॉल, शास्त्री प्रतिमा और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अहिंसा और गांधी की विचारधारा पर बोले दिग्विजय
कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी के अहिंसा के रास्ते और उनके विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी ने अहिंसा के जरिए संघर्ष किया और गरीबों के हक की लड़ाई लड़ी।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए उन ताकतों के खिलाफ संघर्ष करना चाहिए, जो देश के संविधान और गांधी की विचारधारा को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं। इसी दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों से लड़ना है, “जिन्होंने नाथूराम गोडसे की हत्या की थी।” यही बयान बाद में चर्चा का विषय बन गया।
बयान के संदर्भ में क्या कहा गया?
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, दिग्विजय सिंह के बयान का आशय उन ताकतों से लड़ने से था, जिन्हें वे महात्मा गांधी की हत्या और गांधीवादी विचारधारा के विरोध से जोड़ रहे थे। रिपोर्ट में उनके शब्दों के क्रम को जुबान फिसलने के तौर पर बताया गया है।
जीतू पटवारी ने भाजपा की विचारधारा पर उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा का नाम लिए बिना उसकी विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और संविधान से घृणा करते हैं, वे गांधीजी की प्रतिमा पर फूल तो चढ़ाते हैं, लेकिन उनकी शिक्षा और विचारों को अपनाते नहीं हैं। पटवारी ने गांधी के ग्राम स्वराज और सत्ता के विकेंद्रीकरण के विचार का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, यह व्यवस्था अंतिम व्यक्ति तक शासन की मौजूदगी का एहसास करा सकती है।
दिग्विजय ने भाजपा से पूछा सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने भाजपा की विचारधारा को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि उसकी कौन-सी विचारधारा, नीयत, कर्मठता और कार्यक्रम महात्मा गांधी के विचारों से मेल खाते हैं।
गांधी जयंती के कार्यक्रम में सामने आए दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है, जबकि उनके पूरे संबोधन में अहिंसा, संविधान और गांधीवादी विचारधारा की बात कही गई थी।
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