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लखनऊ (आईएएनएस)| लखनऊ के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में प्रस्तावित नाइट सफारी के लिए भूमि के उपयोग का निर्धारण करने के लिए एक डिजिटल सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह उत्तर प्रदेश की पहली नाइट सफारी होगी और ईको-टूरिज्म और जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देगी। राज्य सरकार ने अपने पूरक बजट में इसके निर्माण कार्य के लिए 60 लाख रुपये, मशीनरी के लिए 20 लाख रुपये और अन्य खचरें के लिए 10 लाख रुपये आवंटित किए थे।
वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने कहा, 2023 के अंत तक हजरतगंज से चिड़ियाघर को कुकरैल शिफ्ट करने के साथ ही नाइट सफारी का काम पूरा कर लिया जाए। इसके लिए डिजिटल सर्वे शुरू कर दिया गया है।
जमीन का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है, ताकि यहां विकसित इंफ्रास्ट्रक्च र उपलब्ध जमीन का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सके।
एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा कि एंट्रीवे से लेकर विजिटर्स गैलरी तक सभी को डिजिटल मैप पर मैप किया जा रहा है। इसके बाद निर्माण किया जाएगा।
गौरतलब है कि कुकरैल एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल है। यहां मगरमच्छ प्रजनन केंद्र और कछुआ अनुसंधान और बचाव केंद्र भी है।
परियोजना के लिए कुकरैल नदी को चैनलाइज किया जाएगा और सड़क को चौड़ा किया जाएगा।
कुकरैल वन का कुल क्षेत्रफल 2,027.46 हेक्टेयर है। 500 एकड़ भूमि पर चिड़ियाघर और नाइट सफारी विकसित करने का प्रस्ताव है।
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