
New Delhi नई दिल्ली: भारत में डीजल की मांग वित्तीय वर्ष 2024-25 में महामारी के बाद सबसे धीमी रही। पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) द्वारा जारी अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, डीजल की खपत 2 प्रतिशत बढ़कर 91.4 मिलियन टन हुई। यह वृद्धि पिछले वित्तीय वर्ष में 4.3 प्रतिशत और 2022-23 में 12.1 प्रतिशत थी।
भारत में डीजल देश के कुल तेल उपभोग का लगभग 40 प्रतिशत है, और इस धीमी वृद्धि का सीधा संबंध देश की धीमी आर्थिक गतिविधियों से है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बढ़ती मांग ने डीजल की मांग में और गिरावट का कारण बना।
देश में दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का तेजी से प्रयोग बढ़ रहा है और कई छोटे शहरों में ई-रिक्शा प्रमुख बन गए हैं, जो शहरी सार्वजनिक परिवहन में डीजल की खपत को घटा रहे हैं। वहीं, पेट्रोल की खपत 7.5 प्रतिशत बढ़कर 40 मिलियन टन और एलपीजी की मांग 5.6 प्रतिशत बढ़कर 31.32 मिलियन टन हुई





