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ईरान युद्ध के बीच लंबी उड़ानों पर DGCA ने पायलटों के ड्यूटी टाइम नियमों में दी ढील
jantaserishta.com
7 April 2026 5:16 PM IST

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नई दिल्ली: नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पायलटों के ड्यूटी समय में अस्थायी राहत दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि ईरान युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट के कई देशों का एयरस्पेस बंद होने से उड़ानों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है।
नागर विमानन मंत्रालय के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आओ ने बताया कि लंबी उड़ानों के कारण एयरलाइंस को पायलट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) के नियमों का पालन करने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए यह छूट दी गई है।
डीजीसीए ने पिछले साल पायलटों की थकान को कम करने और फ्लाइट सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए नियम लागू किए थे। इन नियमों के तहत पायलटों को 48 घंटे का लगातार आराम देना जरूरी किया गया था, जो पहले 36 घंटे था।
लेकिन ईरान युद्ध के कारण पश्चिमी देशों के लिए उड़ानों का समय बढ़ गया है, क्योंकि विमानों को मिडिल ईस्ट के संघर्ष वाले क्षेत्र से बचते हुए लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इससे एयरलाइंस के लिए तय ड्यूटी टाइम के भीतर ऑपरेशन करना मुश्किल हो रहा है।
डीजीसीए ने पहले भी 30 अप्रैल तक कुछ राहत दी थी। अब दो पायलटों वाली लंबी उड़ानों के लिए फ्लाइट टाइम (एफटी) को 1 घंटा 30 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 30 मिनट कर दिया गया है, जबकि फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (एफडीपी) को 1 घंटा 45 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 45 मिनट कर दिया गया है।
फ्लाइंग टाइम में विमान रनवे पर टेक-ऑफ के लिए चलने से लेकर उड़ान खत्म होने के बाद रुकने तक का पूरा समय शामिल होता है। डीजीसीए ने यह भी सुनिश्चित किया है कि एयरलाइंस नियमों का पालन करें। इसके लिए साप्ताहिक और पखवाड़े के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई है और हर दो महीने में डीजीसीए अधिकारी एयरलाइंस का निरीक्षण करेंगे।
इसके अलावा, रेगुलेटर अब एयरलाइंस के संचालन पर और ज्यादा नजर रख रहा है, जिसमें पायलट रोस्टर, क्रू की उपलब्धता, बैकअप व्यवस्था, सिस्टम की मजबूती और एफडीटीएल नियमों के अनुपालन पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
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