भारत

उप विदेश मंत्री Andrey Rudenko ने की मंत्री जयशंकर से मुलाकात

SHIDDHANT
7 Nov 2025 7:50 PM IST
उप विदेश मंत्री Andrey Rudenko ने की मंत्री जयशंकर से मुलाकात
x

Delhi दिल्ली। भारत और रूस के बीच कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के प्रयासों के तहत रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको ने शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा— “हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही महत्वपूर्ण क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।”


सूत्रों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय वार्ता में भारत-रूस के बीच चल रहे ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी, व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष की मौजूदा स्थिति, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरण, और वैश्विक मंचों पर भारत-रूस के साझा हितों पर भी चर्चा की। भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक साझेदारी रही है। दोनों देश रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, विज्ञान-तकनीक, और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। हाल के वर्षों में भारत ने रूस के साथ ईस्टर्न इकोनॉमिक कॉरिडोर, फार ईस्ट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) में भी सक्रिय भागीदारी दिखाई है।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मौजूदा वैश्विक तनावों और पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत-रूस व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की बढ़ती खरीद ने दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती दी है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने यह भी सहमति जताई कि भारत और रूस भविष्य में बहुपक्षीय मंचों—जैसे ब्रिक्स (BRICS), शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और संयुक्त राष्ट्र में सहयोग जारी रखेंगे, ताकि एक संतुलित और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके। विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों में निरंतर संवाद और रणनीतिक संतुलन का प्रतीक है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं
Next Story