Delhi: कांवड़ यात्रा पर ट्रैफिक प्लान, यात्रियों के लिए राहत

दिल्ली: सावन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो गया है, जो इस वर्ष 11 जुलाई से 23 जुलाई तक चलेगी।
हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों कांवड़ियों के चलते उत्तर भारत के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होगी।
इसी को देखते हुए गाज़ियाबाद पुलिस और अन्य ट्रैफिक विभागों ने विशेष ट्रैफिक प्लान और रूट डायवर्जन लागू कर दिए हैं।
भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार:
11 जुलाई से दिल्ली से मेरठ हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।
18 जुलाई से हल्के वाहनों पर भी इसी मार्ग पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा।
इस दौरान सभी भारी और हल्के वाहन वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किए जाएंगे।
दिल्ली से लखनऊ और बरेली जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग
मार्ग 1:
दिल्ली > गाजियाबाद (डासना इंटरसेक्शन) > ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे > सिकंदराबाद > बुलंदशहर > बहदोई > डिबाई > चंदौसी > मुरादाबाद > दिल्ली-लखनऊ हाईवे > लखनऊ/बरेली
मार्ग 2:
दिल्ली > हापुड़ (छिजारसी) > ततारपुर चौराहा > टियाला अंडरपास > किठौर > मेरठ > बिजनौर > धामपुर > नगीना > मुरादाबाद > दिल्ली-लखनऊ हाईवे > लखनऊ/बरेली
इन दोनों मार्गों को हल्के और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।
गाज़ियाबाद के ट्रैफिक डायवर्जन बिंदु
दिल्ली से अमरोहा, हरिद्वार, लखनऊ जाने वाले वाहनों को यूपी गेट या गाज़ीपुर बॉर्डर से NH-9 होते हुए डासना तक जाना होगा।
वहां से वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के ज़रिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित भीड़भाड़ और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है:
29,454 सीसीटीवी कैमरे पूरे कांवड़ मार्ग पर लगाए गए हैं।
375 ड्रोन से यात्रा मार्ग की निगरानी की जाएगी।
66,000 पुलिसकर्मी, 50 कंपनियां केंद्रीय बल/पीएसी और 1424 होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
ट्रैफिक अपडेट के लिए सुझाव
जिन यात्रियों को लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, हरिद्वार या आसपास के क्षेत्रों की ओर जाना है, वे रूट डायवर्जन का पालन करें और Google Maps या ट्रैफिक ऐप्स की सहायता लें।
अनावश्यक रूप से दिल्ली-मेरठ मार्ग का प्रयोग फिलहाल न करें।





