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दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने नशे की हालत में अपने दोस्त पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला करने के आरोपी 26 वर्षीय भरत सिंह को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया है। हमले में पीड़ित की एक किडनी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे बाद में सर्जरी के जरिए निकालना पड़ा। अदालत ने आरोपों की गंभीरता और प्रमुख अभियोजन गवाहों को कथित तौर पर धमकी दिए जाने की आशंका को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ना की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, लेकिन 22 अभियोजन गवाहों में से अभी केवल शिकायतकर्ता की गवाही हुई है। घायल पीड़ित को निचली अदालत में अभी गवाही देनी बाकी है। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, आरोप की प्रकृति और गंभीरता तथा मुकदमे की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आरोपी इस चरण में नियमित जमानत का मामला स्थापित नहीं कर पाया है।
मामला द्वारका के सेक्टर-23 पुलिस स्टेशन में 9 मई 2025 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी भरत सिंह, शिकायतकर्ता और पीड़ित आपस में दोस्त थे।
आरोप है कि 8 मई 2025 को भरत ने शिकायतकर्ता और पीड़ित को ट्रक में सामान लादने में मदद करने के लिए बुलाया था। इसके बाद तीनों ने शराब पी। उसी शाम दोनों को आरोपी के घर बुलाया गया, जहां कथित तौर पर विवाद के बाद हाथापाई हो गई।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इसी दौरान भरत ने पीड़ित पर नुकीली धातु जैसी वस्तु से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी क्षतिग्रस्त किडनी को सर्जरी कर निकालना पड़ा।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी की निशानदेही पर कथित वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया। आरोपी के परिवार के सदस्यों पर शिकायतकर्ता और पीड़ित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने फिलहाल नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया।
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