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Delhi: किसानों के लिए खुशखबरी, समय से पहले आया मानसून

Admindelhi1
28 May 2025 12:15 PM IST
Delhi: किसानों के लिए खुशखबरी, समय से पहले आया मानसून
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16 वर्षों में सबसे पहले पहुंचा मानसून

दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस वर्ष जून महीने में औसत से अधिक वर्षा होने की उम्मीद है, जो दीर्घकालिक औसत का लगभग 108 प्रतिशत तक हो सकती है। यह वर्ष 2025 में मानसून की असामान्य रूप से जल्दी शुरुआत को दर्शाता है, जो बीते 16 वर्षों में सबसे पहले हुई है।

IMD के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में देश में कुल 934.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 820 मिमी रहा, जो दीर्घकालिक औसत का लगभग 94.4% था। इस बार पूरे मानसून सीज़न के दौरान 87 सेंटीमीटर की सामान्य औसत वर्षा का करीब 106 प्रतिशत बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मानसून कोर जोन में सामान्य से अधिक बारिश की आशंका: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन ने जानकारी दी कि इस वर्ष मानसून कोर जोन — जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा सहित अन्य समीपवर्ती क्षेत्र शामिल हैं, सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। ये क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा पर आधारित कृषि गतिविधियों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य वर्षा की उम्मीद है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में औसत से कम वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मध्य और दक्षिण भारत में भी सामान्य से अधिक वर्षा के आसार हैं।

मुंबई में मानसून 16 दिन पहले, 1950 के बाद पहली बार: इस वर्ष मानसून ने अपनी सामान्य तिथि से 16 दिन पहले मुंबई में दस्तक दी है, जो 1950 के बाद का सबसे जल्दी आगमन है। इससे पहले शनिवार को मानसून ने केरल में प्रवेश किया, जो 2009 के बाद अब तक का सबसे जल्दी आगमन है उस वर्ष यह 23 मई को पहुंचा था।

दक्षिण-पश्चिम मानसून का महत्व: दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत के लिए बेहद अहम है क्योंकि जून से सितंबर तक की यह बारिश देश की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70% हिस्सा होती है। भारत की 60% कृषि भूमि सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भर करती है। धान, मक्का, बाजरा, रागी और अरहर जैसी खरीफ फसलें मुख्य रूप से इस वर्षा से पोषित होती हैं।

कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी: IMD ने आने वाले दिनों में केरल, कर्नाटक, तटीय महाराष्ट्र और गोवा के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई है। केरल, मुंबई, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों तथा तटीय कर्नाटक में भीषण बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मुंबई में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: समय से पहले पहुंचे मानसून ने केरल और महाराष्ट्र में व्यापक असर डाला है। मुंबई में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर में कई इलाकों में जलभराव हो गया है, सड़कें और नालों में पानी भर गया है, वहीं मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर भी पानी घुसने की खबरें हैं।

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