
कर्नाटक। चोरी छिपे महिलाओं की तस्वीरें खींचने या किसी के निजी पलों के फोटो-वीडियो लेने वालों पर पुलिस बड़ा ऐक्शन लेने की तैयारी कर चुकी है। खबर है कि कर्नाटक पुलिस ने इस संबंध में दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि ब्लैकमेल वीडियो, बदला लेने के मकसद से अश्लील तस्वीरें शेयर करने के मामले में तुरंत FIR दर्ज की जाए। कार्रवाई करने में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों पर भी ऐक्शन लिया जा सकता है।
डीजी और आईजीपी एमए सलीम ने 16 जून को एक गाइडलाइन जारी की। इसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का जिक्र किया है। इसमें कहा गया है, लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह जरूरी है कि शिकायतों और एफआईआर में सही कानूनी धाराएं लगाई जाएं। उन्होंने कहा, 'भले ही शिकायत में उन धाराओं का अलग से जिक्र न किया गया हो, लेकिन अगर मामले की बातों से ऐसा लगता है कि वे अपराध हुए हैं, तो उन धाराओं को भी एफआईआर में जोड़ना सही है।' दिशा निर्देशों में कहा गया है, 'यह देखा गया है कि कुछ जगहों पर उन मामलों में शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया जाता है या देरी की जाती है, जहां किसी इंसान की निजी या प्राइवेट तस्वीरें और वीडियो उसकी मर्जी के बिना पोस्ट या शेयर कर दिए जाते हैं। कुछ मामलों में तो शिकायत सिर्फ इसलिए नहीं ली जाती क्योंकि पीड़ित ने शुरुआत में वे तस्वीरें या वीडियो खींचने या रिकॉर्ड करने की मर्जी दी थी। हालांकि कानून के मुताबिक, तस्वीरें खींचने की मर्जी देने और उन्हें दूसरों के साथ शेयर करने की मर्जी देने में बड़ा फर्क होता है।'
आदेश में कहा गया है कि इन मामलों में पीड़ित की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही कहा गया है कि शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मान से बर्ताव किया जाना चाहिए। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि ऐसी किसी भी बात से बचना होगा, जो पीड़ित को अपमानित करे, परेशान करे या शर्मिंदगी महसूस कराए। खास बात है कि यह भी कहा गया है कि अगर पीड़ित कोई महिला है, तो शिकायत किसी महिला अधिकारी ही दर्ज करें। डीजीपी ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे मामलों में FIR दर्ज नहीं की गई है या देरी की गई है, तो ऐसे मालमों को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।





