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दलबदल लोकतंत्र के खिलाफ, जनता के जनादेश का सम्मान होना चाहिए: दिग्विजय सिंह

SHIDDHANT
26 Jun 2026 10:23 PM IST
दलबदल लोकतंत्र के खिलाफ, जनता के जनादेश का सम्मान होना चाहिए: दिग्विजय सिंह
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Dewas देवास। मध्य प्रदेश के देवास में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने विभिन्न दलों के सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदलना लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के जनादेश के खिलाफ है। मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि मतदाता किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसकी पार्टी, विचारधारा और चुनावी वादों को ध्यान में रखकर वोट देते हैं। ऐसे में किसी सांसद या जनप्रतिनिधि का चुनाव जीतने के बाद दूसरी पार्टी में शामिल होना जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने जैसा है।
उन्होंने कहा, “यह बेहद आपत्तिजनक है। जो कुछ किया जा रहा है, वह लोकतंत्र को कमजोर करने का काम है। जनता किसी विशेष पार्टी के टिकट पर उम्मीदवार को चुनकर संसद या विधानसभा भेजती है। ऐसे में चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदलने का अधिकार उन्हें कैसे मिल सकता है? कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनादेश का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। यदि कोई जनप्रतिनिधि अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाना चाहता है, तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और फिर नई पार्टी के टिकट पर जनता के बीच जाकर नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए।
हाल के दिनों में शिवसेना (यूबीटी), तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के कुछ सांसदों और नेताओं के भाजपा में शामिल होने को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि भाजपा का कहना है कि नेता अपनी राजनीतिक सोच और जनहित को देखते हुए फैसले ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विभिन्न राज्यों में दलबदल और राजनीतिक पुनर्संरेखण को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।
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