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राजसमंद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बने हुए कोविड-19 वार्ड के आईसीयू वार्ड की आरसीसी की छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। वहीं, अस्पताल के बरामदे की कई पट्टियां भी टूट गई। गनीमत रही कि उस समय मौके पर कोई नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. सीपी सूर्या ने बताया कि गत दिनों चक्रवाती तूफान के दौरान भारी बारिश के चलते छत गिर गई। वहीं, बरामदे की भी कई पट्टियां टूट गई। गनीमत रही कि इस दौरान वहां कोई नहीं था, जिससे हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि अगर जल्द ही मरम्मत नहीं करवाई गई तो पूरी छत के गिरने की आशंका है। ऐसे में यहां बड़ा हादसा होने का डर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि फिलहाल छत को गिरने से रोकने के लिए मौके पर लोहे के पिलर लगाए गए हैं। इस मामले की जानकारी राजकीय आरके जिला चिकित्सालय व सीएमएचओ को दी गई और अस्पताल में गिरी छत को तुरंत ठीक कराने की मांग की है। बताया कोविड वार्ड पूरी तरह से खाली कर दिया गया है, लेकिन बरामदे में मरीजों व लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है।
घाटी ग्राम पंचायत क्षेत्र के खाखलिया खेड़ा राउप्रावि परिसर में मंगलवार को बैठक में ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की खस्ताहालत पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन व ग्राम पंचायत से इसकी हालात में सुधार करवाने की मांग की। बैठक में वार्डपंच शंभूलाल पूर्बिया, नारायण लाल पूर्बिया, रूपलाल, कमलेश लोहार, पन्नालाल पूर्बिया, प्रकाशचंद्र, रामलाल, सोहनलाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय परिसर सड़क से नीचे होने के कारण वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या बनी रहती है। इसके कारण विद्यालय परिसर में कीचड़ पसरा रहता है। वहीं, जहरीले जीव जंतुओं से मासूमों को भी खतरा बना रहता है। बताया कि विद्यालय परिसर में स्थित कमरों एवं बरामदे की फर्श धंस चुकी है और धंसे हुए बरामदे की फर्शी उखड चुकी है, जिसके कारण विद्यार्थियों को बैठने में दिक्कत आती है। वहीं, फर्श के पत्थर उखडऩे से जहरीले जंतुओं के फर्श के नीचे दुबकने का भी डर रहता है। प्रवेश द्वार भी गत दिनों वर्षा के दौरान धराशायी हो गया था, लेकिन निर्माण पुन: नहीं हो पाया है। ऐसे में विद्यालय में आवारा मवेशियों व सूअरों की भरमार बनी रहती है। इसको लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत एवं जिला प्रशासन से विद्यालय से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की है। विद्यालय की समस्याओं के बारे में विभाग के अधिकारियों व ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों को अवगत करा दिया गया है।
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