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बिहार में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 23 के पार पहुंची

Subhi
15 Dec 2022 1:07 AM GMT
बिहार में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 23 के पार पहुंची
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सारण जिले के मशरक, इसुआपुर, अमनौर व मढ़ौरा में 23 लोगों की संदिग्ध मौत हो गयी. सभी मौत जहरीली शराब के सेवन से होने की बात कही जा रही है. हालांकि सिविल सर्जन डॉ सागरदुलाल सिन्हा ने 16 मृतकों के पोस्टमार्टम करने तथा 13 बीमार लोगों के सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किये जाने की बात कहीं. घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गयी. डीएम व एसपी ने मशरक, इसुआपुर में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. वहीं मृतक के परिजनों से भी मुलाकात की. घटना के विरोध में मशरक बाजार में आक्रोशित लोगों ने लगभग चार घंटे तक दोनों एसएच को जाम कर दिया. जिसे बाद में प्रशासन ने पहुंच कर समझा-बुझा कर खत्म कराया.

मंगलवार की रात मशरक व इसुआपुर में पी थी शराब

मृतकों के परिजनों ने सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान बताया कि मंगलवार की देर रात ही तबीयत बिगड़ने लगी थी. जिसके बाद एक-एक कर पीड़ितों को छपरा सदर अस्पताल लाया गया. मृतक हरेंद्र राम की पत्नी शीला देवी ने कहा कि बीमार होने से पहले उनके पति ने बताया कि मशरक के चिमनी के पीछे शराब बेची जा रही थी. जहां से ही उसके पति व उसके कुछ साथियों ने शराब पी. रात 12 बजे पेट में दर्द होने की बात पीड़ित ने कहीं. जिसके बाद स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल लाया गया. हालांकि पुलिस ने अब तक जहरीली शराब बेचने वालों को गिरफ्तारी नहीं किया है. गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है.

मामला छुपाने के कारण बढ़ा मौत का आंकड़ा

चारों प्रखंडों में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ने के संबंध में वरीय पदाधिकारियों द्वारा पूछताछ के दौरान यह बात सामने आयी है कि अधिकतर लोगों की मौत शराब सेवन करने वाले व्यक्ति के परिजनों द्वारा प्रशासन से सूचना छिपाने जाने के कारण हुई है. सिविल सर्जन ने भी इस बात को माना कि शराब के सेवन के 15 से 16 घंटे बाद तक प्रशासन के निर्देश पर आशा कार्यकर्ता व अन्य सर्वेक्षण दल के सदस्य जब बीमार लोगों के घर पहुंचते थे तो काफी पूछताछ के बाद परिजन सूचना देते थे. जिससे बीमार लोगों के सदर अस्पताल में पहुंचने में विलंब होने के कारण समय पर इलाज नहीं होने से मौत का आंकड़ा बढ़ता गया.

मृतकों में 25 से 45 वर्ष के लोग शामिल

मशरक, इसुआपुर, मढ़ौरा व अमनौर में मरने वाले लोगों में अधिकतर युवा वर्ग के हैं. कुल मृतकों में 14 सिर्फ मशरक थाना क्षेत्र है. जबकि पांच इसुआपुर के हैं. वहीं तीन अमनौर थाना के ही बताये गये है. वहीं एक मृतक विक्की महतो मढ़ौरा थाना क्षेत्र है. सभी की आंखों की रौशनी जाने की बात भी इलाज के दौरान सामने आयी. वहीं सदर अस्पताल में जिन 13 का इलाज चल रहा है, उनकी स्थिति भी नाजुक बनी हुई है. उनमें से अधिकतर के हाथ पैर काम नहीं रहे हैं. वहीं कुछ के आंखों से भी कम दिख रहा है. सिविल सर्जन डॉ सागरदुलाल सिन्हा ने बताया कि जैसे-जैसे बीमार लोगों का पता चल रहा है, उन्हें लाकर इलाज किया जा रह है.

अगस्त में 23 लोगों की गयी थी जान

सारण में संदिग्ध रूप से मौत का सिलसिला अगस्त से ही चला आ रहा है. अगस्त माह में तीन बड़ी घटना हुई थी. जिसमें पानापुर में एक अगस्त को दो लोगों की मौत संदिग्ध रूप से हुई. वहीं चार अगस्त को मकेर के सोनहो भाथा गांव में 13 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 12 अगस्त को मढ़ौरा के भुआलपुर में सात लोगों की जान गयी थी. वहीं 23 अगस्त को भी मढ़ौरा में एक संदिग्ध मौत हुई थी. वहीं इस बार एक ही दिन में 23 लोगों की जान चली गयी.

क्या कहते हैं डीएम

सारण के डीएम राजेश मीणा ने कहा कि संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि मौत का कारण क्या है. प्रशासन के द्वारा मशरक, इसुआपुर में लोगों से पूछताछ कर तथा परिजनों से जानकारी लेने के बाद घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. जांच के बाद इस मामले में जो भी दोषी पाये जायेंगे. उनके खिलाफ कारवाई की जायेगी. अब तक 16 लोगों की मौत तथा 13 लोगों के इलाजरत होने की सूचना मिली है. वहीं सर्वेक्षण दल के माध्यम से बीमार लोगों का सर्वेक्षण कराकर इलाज की व्यवस्था की गयी है.


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