
हैदराबाद । तेलंगाना के कामारेड्डी जिला कोर्ट ने छह लोगों की हत्या करने वाले एक आरोपी को मौत की सज़ा सुनाई है। आरोपी ने अपने दोस्त का घर अपने नाम पर रजिस्टर कर लिया और इसके बाद उसे लोन देने का वादा करके धोखा दिया। इतना ही नही, दोस्त के परिवार के अन्य सदस्यों की भी बेरहमी से अलग-अलग जगहों पर हत्या करके दफ़ना दिया, जला दिया और शवों को नदी में फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार, 23 दिसंबर, 2023 को पुलिस ने कामारेड्डी ज़िले के सदाशिवनगर मंडल के भूमपल्ली गाँव के बाहरी इलाके में एक अनजान महिला की लाश को जलाने की शिकायत पर मामला दर्ज किया और जाँच शुरू की। पुलिस ने स्थानीय सीसीटीवी फुटेज और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके एक कार की पहचान की। कार के नंबर के आधार पर पुलिस ने निज़ामाबाद ज़िले के मकलूर गाँव से मेडिदा प्रशांत नामक व्यक्ति को गिरफ्तार करके पूछताछ की और पता चला कि उसने एक नहीं, बल्कि पाँच और लोगों की हत्या की है। आरोपी प्रशांत ने दोस्त प्रसाद को यकीन दिलाया कि उसके मकान उसके नाम पर रजिस्टर कर दे और रजिस्टर होने के बाद उसे लोन दिलाएगा। प्रसाद ने मकान उसके नाम कर दिया।
हालांकि, महीनों बीत जाने पर भी लोन नहीं दिलाया। एक दिन उसने प्रशांत से लोन के बारे में पूछा। प्रशांत ने सोचा कि अगर वह परिवार के सभी लोगों को मार देगा, तो लोन देने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और मकान भी उसका हो जाएगा। तुरंत उसने उसके छोटे भाई तेजकिरण और एक अन्य व्यक्ति गुगुलोत विष्णु को भी प्रशांत के परिवार की हत्या करने की योजना के बारे में बताया। वे सभी उसकी बात मान गये। 29 नवंबर को विष्णु अपने दोस्त बारोत वंशी कृष्णा को साथ लेकर आये और दोनों ने मिलकर प्रसाद को मक्लुरे के बाहरी इलाके के जंगल में ले गए। वहां उसकी हत्या कर दी और वहाँ एक गड्ढा खोदकर दफ़ना दिया। अगले दिन प्रसाद की पत्नी रमणी उर्फ़ शांविका को यह बताकर कार में ले गए कि प्रसाद ने उसे बुलाया है। तीनों आरोपियों ने गला घोंट उसकी हत्या कर दी और लाश को बासरा पुल से गोदावरी नदीं में फेंक दी और चले गए। बाद में वे प्रसाद की छोटी बहन श्रावणी को यह कहकर माचारेड्डी ले गये कि भाई और भाभी ने उसे बुलाया है। वे उसे कार में बिठाकर चेगुंटा इलाके में लेकर गए और वहाँ पर श्रावणी की हत्या कर दी गई तथा पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
5 दिसंबर को प्रसाद के जुड़वां बच्चों- चैत्रिका और चेत्रिका को उनके मां-बाप के पास जाने बात बताकर बासरा ले गये और उनके गले में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। पुल पर से नीचे नदीं फेंक दिया। 13 तारीख को प्रसाद की बड़ी बहन स्वप्ना की भी हत्या कर दी और शव को भूमपल्ली के बाहरी इलाके में ले गये और पेट्रोल डालकर आग लगा दी और कार में चले गए। प्रसाद की माँ ओडेम्मा ने भी इन सभी हत्याओं में उसकी मदद की। नतीजतन, पुलिस ने गहन जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कामारेड्डी जिला जज वरप्रसाद ने पुलिस की ओर से पेश सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी प्रशांत को मौत की सज़ा और 8,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही गुगुलोत विष्णु और प्रशांत की माँ ओडेम्मा को भी उम्रकैद की सज़ा सुनाई। दो अन्य आरोपी- तेज किरण और वंशी कृष्णा अपराध के समय नाबालिग होने के कारण उनके खिलाफ खिलाफ जांच जारी है।





