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विक्रमशिला सेतु पर मौत का तांडव! आंधी में उखड़ा पोल और टीन शेड, दूध विक्रेता की दर्दनाक मौत

Shantanu Roy
24 Jun 2026 1:06 PM IST
विक्रमशिला सेतु पर मौत का तांडव! आंधी में उखड़ा पोल और टीन शेड, दूध विक्रेता की दर्दनाक मौत
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Bhagalpur. भागलपुर। बिहार में मानसून पूर्व मौसम की पहली बड़ी आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं, बारिश और वज्रपात की घटनाओं में राज्यभर में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे दर्दनाक घटना भागलपुर जिले में सामने आई, जहां विक्रमशिला सेतु पर तेज आंधी के दौरान एक पोल और टीन शेड उखड़कर एक दूध विक्रेता पर गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी विनय ईश्वर के रूप में हुई है।

परिजनों के अनुसार विनय पेशे से दूध विक्रेता थे और रोजाना की तरह अपना काम समाप्त कर घर लौट रहे थे। मंगलवार देर शाम जब वह विक्रमशिला सेतु से गुजर रहे थे, तभी अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के चलते सेतु पर लगाया गया पोल और टीन शेड उखड़कर सीधे उन पर आ गिरा। हादसा इतना भयावह था कि विनय गंभीर रूप से घायल होकर पोल के नीचे दब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद कुछ समय तक मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने किसी तरह पोल और टीन शेड हटाकर विनय को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायागंज) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

अस्पताल पहुंचने के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल पर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। अस्थायी रूप से लगाए गए पोल, टीन शेड और अन्य संरचनाओं की मजबूती की जांच नहीं की गई, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के शव को अस्पताल के बाहर रखकर तिलकामांझी-आदमपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, सरकारी सहायता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना था कि विनय परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।

उनके दो छोटे बच्चे हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। ऐसे में उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षु डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजनों ने सड़क जाम समाप्त किया। देर रात शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। इस घटना ने विक्रमशिला सेतु पर चल रहे निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वर्तमान में सेतु पर बेली ब्रिज के माध्यम से वाहनों का संचालन किया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते कई स्थानों पर अतिरिक्त बिजली के खंभे, मोटे तार, टीन शेड और अस्थायी टेंट लगाए गए हैं। तेज आंधी के कारण इनमें से कई संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लंबा जाम लग गया। मृतक के बेटे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि हादसे के बाद उनके पिता लगभग एक घंटे तक पोल के नीचे दबे तड़पते रहे, लेकिन उन्हें समय पर सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पुल पर पुलिसकर्मी, मजिस्ट्रेट और निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होने के बावजूद तत्काल राहत कार्य क्यों नहीं शुरू किया गया। उनका आरोप है कि यदि समय पर मदद मिल जाती तो शायद उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी।

उधर, मौसम की मार केवल भागलपुर तक सीमित नहीं रही। पूरे बिहार में आंधी, बारिश और वज्रपात ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। भागलपुर जिले में कुल पांच लोगों की मौत हुई। पीरपैंती क्षेत्र के कहलगांव टोला निवासी लाल मोहर यादव और मोहनपुर निवासी मूलो मंडल की बकरी चराने के दौरान ठनका गिरने से मौत हो गई। वहीं खरीक थाना क्षेत्र के खैरपुर निवासी सुधीर यादव भी मवेशी चराने के दौरान वज्रपात की चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई। बांका जिले में भी मौसम का कहर देखने को मिला। शंभूगंज थाना क्षेत्र में तेज आंधी के दौरान पेड़ की डाल गिरने से एक किसान और एक छात्र की मौत हो गई। वहीं एक किशोर की जान वज्रपात से चली गई। कटिहार जिले में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बारिश के दौरान हुई घटनाओं में दो लोगों की मौत दर्ज की गई है।
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