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संकरी गली में लगी सिलेंडर आग, पिता-बेटी झुलसे, मासूम ने तोड़ा दम

SHIDDHANT
12 Sept 2026 11:52 PM IST
संकरी गली में लगी सिलेंडर आग, पिता-बेटी झुलसे, मासूम ने तोड़ा दम
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अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत
Ghaziabad गाजियाबाद: कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर स्थित बालक राम कॉलोनी में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मकान में रखे एलपीजी सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग लगने के दौरान मकान के अंदर कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वैशाली फायर स्टेशन की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। अग्निशमन कर्मियों ने बेहद संकरी गली में पैदल पहुंचकर आग पर काबू पाया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हादसे में पिता और उनकी बेटी आग की चपेट में आकर झुलस गए। उपचार के दौरान बच्ची की दुखद मृत्यु हो गई। अग्निशमन विभाग के अनुसार, कमिश्नरेट गाजियाबाद के फायर स्टेशन वैशाली को 12 सितंबर 2026 की रात करीब 8:29 बजे सूचना मिली कि भोवापुर इलाके में एक मकान में एलपीजी सिलेंडर में आग लग गई है। सूचना में यह भी बताया गया कि मकान के अंदर कुछ लोग फंसे हुए हैं।
सूचना मिलते ही प्रभारी अधिकारी अग्निशमन टीम और फायर टेंडर के साथ तत्काल मौके के लिए रवाना हुए। टीम जब बालक राम कॉलोनी, गली नंबर-3, भोवापुर (कौशांबी) पहुंची तो स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। मकान मालिक नेत्रपाल सिंह के मकान में किराए पर रहने वाले गुड्डू के घर में एलपीजी सिलेंडर में आग लगी हुई थी। आग के कारण घर में रखा घरेलू सामान भी इसकी चपेट में आ गया था। बताया गया कि जिस गली में मकान स्थित था, वह इतनी संकरी थी कि फायर टेंडर को घटनास्थल तक सीधे ले जाना संभव नहीं था। ऐसे में अग्निशमन कर्मियों ने बिना समय गंवाए वैकल्पिक तरीके से कार्रवाई शुरू की। टीम पैदल ही संकरी गली से मकान तक पहुंची और मौके पर उपलब्ध संसाधनों तथा प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कर्मियों ने बाल्टियों से पानी डालने के साथ ही अग्निशमन उपकरणों का कुशलतापूर्वक प्रयोग किया और कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
हादसे में मकान में किराए पर रह रहे गुड्डू और उनकी बेटी आंचल आग की चपेट में आकर झुलस गए। दोनों को तत्काल उपचार की आवश्यकता थी। स्थिति को देखते हुए प्रभारी अग्निशमन केंद्र वैशाली मूलचंद सिंह ने स्वयं अपनी देखरेख में दोनों घायलों को उपचार के लिए यशोदा हॉस्पिटल, कौशांबी पहुंचाया और वहां भर्ती कराया। अग्निकांड में एलपीजी सिलेंडर के पास रखा कुछ घरेलू सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि अग्निशमन टीम की तत्परता से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और इसे आसपास के मकानों तक फैलने से रोक दिया गया। बाद में अग्निशमन विभाग के अधिकारी बच्ची आंचल की स्थिति की जानकारी लेने के लिए अस्पताल पहुंचे। वहां बच्ची की देखरेख और उपचार की स्थिति का जायजा लिया गया, लेकिन कुछ समय बाद बच्ची की दुखद मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। हादसे ने संकरी गलियों में आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर किया है।
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