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इंस्टाग्राम विज्ञापन से 9.58 लाख की ठगी, साइबर क्राइम ने महाराष्ट्र से 2 आरोपी दबोचे

SHIDDHANT
26 Aug 2026 7:55 PM IST
इंस्टाग्राम विज्ञापन से 9.58 लाख की ठगी, साइबर क्राइम ने महाराष्ट्र से 2 आरोपी दबोचे
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40 करोड़ के फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े तार
Gandhinagar गांधीनगर: गुजरात के सूरत की साइबर क्राइम सेल ने बुधवार को महाराष्ट्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट धोखाधड़ी का आरोप है। आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश के लिए इंस्टाग्राम पर दिखाए गए एक विज्ञापन के जरिए सूरत के एक व्यक्ति को लुभाकर उससे 9.58 लाख रुपए की ठगी की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इस धोखाधड़ी के लिए पहले से सोची-समझी योजना का इस्तेमाल किया, जिसमें संभावित निवेशकों से पहले इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के जरिए संपर्क किया गया और फिर उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया।
शिकायतकर्ता को कथित तौर पर ग्रुप के जरिए एक नकली वेबसाइट का लिंक भेजा गया और फिर उन्हें रजिस्टर करके डीमैट अकाउंट बनाने के लिए मनाया गया। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने शेयर बाजार में निवेश के लिए वेबसाइट पर दिए गए अलग-अलग बैंक अकाउंट में 9,58,998.98 रुपए ट्रांसफर किए। प्लेटफॉर्म पर ट्रांजैक्शन से मुनाफा होता हुआ दिखाया गया और शिकायतकर्ता के डीमैट अकाउंट में निवेश की गई रकम के साथ-साथ रिटर्न भी दिखाई दिया।
जब शिकायतकर्ता ने पैसे निकालने की कोशिश की तो विड्रॉल प्रोसेस नहीं हुआ, जिससे यह ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई। इसी को लेकर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया। सीनियर अधिकारियों के निर्देशों के बाद इंस्पेक्टर एमसी नायक और उनकी टीम ने मामले में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए टेक्निकल जांच की, जिसके बाद इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान उद्धव उर्फ रवि गोंधली (27, डेकोरेशन वर्कर) और गोपेंद्र उर्फ गोपू शिंदे (23, छात्र) के तौर पर हुई है। दोनों महाराष्ट्र के परभणी जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस का आरोप है कि उद्धव ने अपने नाम से एक फर्म बनाई थी और फर्म के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) में करंट अकाउंट खोलने से पहले उद्यम सर्टिफिकेट हासिल किया था। जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने 5,000 रुपए के कमीशन के बदले यह अकाउंट गोपेंद्र को सौंप दिया था। बाद में ट्रांजैक्शन पर दो प्रतिशत कमीशन के बदले यह अकाउंट कथित तौर पर फरार आरोपियों को उपलब्ध कराया गया था। पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर 2025 और 21 जनवरी 2026 के बीच करंट अकाउंट से कुल 1.47 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) के जरिए अकाउंट की जांच करने पर पता चला कि अलग-अलग राज्यों में 13 शिकायतें दर्ज थीं, जिनमें 40.48 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर शेयर-मार्केट इन्वेस्टमेंट के जरिए ज्यादा रिटर्न का वादा करने वाले विज्ञापनों से सावधान रहें और कोई भी फाइनेंशियल लेन-देन करने से पहले लोगों और प्लेटफॉर्म की जानकारी की पुष्टि कर लें।
उन्होंने फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड के पीड़ितों से यह भी अपील की है कि वे तुरंत '1930' पर कॉल करें, क्योंकि जल्द रिपोर्ट करने से बैंक अकाउंट में फंड को फ्रीज करने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं, साइबर क्राइम सेल की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
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