
x
गिरफ्तार
Gandhinagar गांधीनगर। गुजरात सीआईडी क्राइम के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने एक अंतरराज्यीय म्यूल बैंक खाते के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 375 मामलों में 77 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। यह कार्रवाई वडोदरा, पालनपुर और गोवा में की गई, जिसमें 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह एक संगठित तंत्र था, जो साइबर धोखाधड़ी और गेमिंग से जुड़े अपराधों के लिए बैंक खातों को खोलने और उनके उपयोग में शामिल था।
यह कार्रवाई सीआईडी क्राइम और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, ताकि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान को मजबूत किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर अपने और अन्य लोगों के नाम पर बचत और चालू बैंक खाते खोले। इन खातों के किट तथा सिम कार्ड साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े लोगों को उपलब्ध कराए।
पुलिस के अनुसार, वडोदरा से 5, पालनपुर से 2 और गोवा से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वडोदरा से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किरण जोशी, सिद्धराज शिरवाडिया, महेश जोशी, जिगर सोलंकी और प्रकाश जोशी के रूप में हुई है। पालनपुर से मित्रा श्रीमाली और मेहुल सोलंकी को गिरफ्तार किया गया। गोवा से गिरफ्तार अन्य 9 आरोपी जीतू ठक्कर, साहिल प्रजापति, जैमिन प्रजापति, विजय नाई, हितेश ठाकोर, ध्रुव चौधरी, अनिलकुमार चौधरी, आशीष कुमार चौधरी और नरेशकुमार खरशन हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग फर्जी कंपनियां बनाने में भी शामिल थे, जैसे 'शिवम एजेंसी', 'शिवधारा मसाला बिजनेस' और 'एम आर वाटर', जिनके जरिए लेनदेन को वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के मुख्य सरगना किरण जोशी और जीतू ठक्कर हैं, जबकि अन्य आरोपी उनके साथ मिलकर म्यूल बैंक खाते तैयार करने और वित्तीय लेनदेन कराने में मदद करते थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य बरामद किए गए। वडोदरा से 13 मोबाइल फोन, 13 चेक बुक, 2 पासबुक और 4 खाली चेक मिले।
गोवा से 15 लैपटॉप, 72 मोबाइल फोन, 126 सिम कार्ड, 115 डेबिट कार्ड, 80 पासबुक, 15 चेक बुक, 7 क्यूआर कोड, 2 पेन ड्राइव और 1 रेंट एग्रीमेंट बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से 260 से अधिक बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। जांचकर्ताओं के अनुसार, जब्त किए गए उपकरणों के विश्लेषण से बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन रिकॉर्ड, लॉगिन जानकारी और साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों के दस्तावेज मिले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए बैंक खातों की जानकारी दुबई और अन्य विदेशी स्थानों पर मौजूद लोगों के साथ साझा की जा रही थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने की संभावना सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह डिजिटल गिरफ्तारी ठगी, निवेश ठगी, यूपीआई धोखाधड़ी, जमा धोखाधड़ी, लोन धोखाधड़ी, पार्ट-टाइम नौकरी ठगी और गेमिंग धोखाधड़ी जैसे कई साइबर अपराधों में शामिल था। आरोपी कथित तौर पर कमीशन के आधार पर काम करते थे और अपराध से प्राप्त धन को लेने, ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए बैंकिंग व्यवस्था उपलब्ध कराते थे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी असली खाताधारकों से बैंक खाते और सिम कार्ड लेकर उन्हें नेटवर्क में अवैध उपयोग के लिए बांटते थे। प्रशासन ने दोहराया कि बैंक खाते के धारक अपने खाते से होने वाले सभी लेनदेन के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार होते हैं।
Tagsगुजरातसीआईडी क्राइमसाइबर फ्रॉडम्यूल बैंक अकाउंटसाइबर ठगीवडोदरापालनपुरगोवाडिजिटल अरेस्टयूपीआई फ्रॉड77 करोड़साइबर अपराधगिरफ्तारीजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





