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प्राचीन शीतला मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बसौड़ा पर्व पर भक्तों ने किए दर्शन

SHIDDHANT
9 March 2026 9:22 PM IST
प्राचीन शीतला मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बसौड़ा पर्व पर भक्तों ने किए दर्शन
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Kashipur काशीपुर: रंगों के त्योहार होली के ठीक एक हफ्ते बाद मनाए जाने वाले बसौड़ा पर्व यानी शीतला अष्टमी के अवसर पर काशीपुर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा। प्राचीन सिद्ध पीठ श्री शीतला माता मंदिर में चैत्र मास की द्वितीया तिथि से शुरू हुई विशेष पूजा-अर्चना का सिलसिला आज भी जारी रहा।
सुबह से ही सैकड़ों भक्त मंदिर पहुंचे और मां शीतला देवी की पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया। मंदिर के बाहर दोनों ओर लंबी कतारें लगी रहीं, जहां भक्त अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मंदिर के प्रबंधक पंडित संदीप मिश्रा ने बताया कि मां शीतला को रोग हरण अवतारी माना जाता है और इन्हें नगर कोट देवी, महाकाली, तृष्णा, कालरात्रि, चौगानन चौराहे वाली और मसानी माता के नाम से भी जाना जाता है।
ऋतु परिवर्तन से होने वाली बीमारियों से मुक्ति के लिए चैत्र मास की द्वितीया से यहां विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु हल्दी का तिलक लगाकर नारियल, कच्चा दूध, चना, दाल, हल्दी, गुड़, आटा, पुए, सरसों का तेल और नमक समेत अन्य पूजन सामग्री चढ़ाते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि बसौड़ा पूजन से घर में रोग-व्याधि दूर होती है और स्वास्थ्य लाभ मिलता है। पंडित संदीप मिश्रा ने बताया कि सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को पूजा होती है और शीतला सप्तमी व शीतला अष्टमी पर विशेष पूजन का आयोजन होता है। आज भारी भीड़ के बावजूद दर्शन और प्रसाद वितरण सुचारु रूप से किया गया।
बसौड़ा पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोग निवारण का संदेश भी देता है। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ इस पर्व में भाग लेकर माता शीतला से कष्टों के निवारण और रोगों की मुक्ति की कामना कर रहे हैं।
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