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साबरमती तट पर उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की सूर्य उपासना में सहभागिता

SHIDDHANT
28 Oct 2025 12:14 AM IST
साबरमती तट पर उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की सूर्य उपासना में सहभागिता
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Ahmedabad अहमदाबाद। गुजरात की धरती पर इस बार छठ महापर्व 2025 की छटा कुछ अलग ही नजर आई। पूर्वांचल की परंपरा और आस्था के इस महापर्व में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार शाम अहमदाबाद की साबरमती नदी के तट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लेकर सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित किया। मुख्यमंत्री के साथ हजारों श्रद्धालु महिलाएं और परिवारजन घाटों पर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ छठी मइया की पूजा की और उपस्थित श्रद्धालुओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “छठ पूजा भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक है, जो प्रकृति, जल और सूर्य के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। गुजरात की धरती पर इतने बड़े पैमाने पर इसका आयोजन हमारे राज्य की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

इस अवसर पर साबरमती रिवरफ्रंट को विशेष रूप से सजाया गया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और स्वच्छता के व्यापक इंतज़ाम किए गए। घाटों पर सैकड़ों स्वयंसेवक, पुलिसकर्मी और नगरपालिका कर्मचारी तैनात रहे। साबरमती तट पर बने विशेष मंच पर स्थानीय कलाकारों ने लोकगीत, भक्ति संगीत और छठ के पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। छठ महापर्व का आयोजन गुजरात सरकार, पूर्वांचल समाज एवं कई सांस्कृतिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कई मंत्री, विधायक, नगर निगम के अधिकारी एवं सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छठ व्रतियों से बातचीत की और उनकी पूजा सामग्री के लिए बनाए गए विशेष स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के लोगों की आस्था और परंपरा के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले प्रशासन ने रिवरफ्रंट के दोनों किनारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया था। ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई ताकि किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ की स्थिति पर तुरंत नियंत्रण रखा जा सके।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन पिछले सालों की तुलना में कहीं अधिक भव्य रहा। अहमदाबाद के अलावा सूरत, वडोदरा और राजकोट में भी छठ पूजा के कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किए गए, जिनमें हजारों की संख्या में बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए प्रवासी परिवारों ने भाग लिया। छठ पर्व की तैयारी शहर में कई दिनों पहले से शुरू हो गई थी। बाजारों में पूजन सामग्री — बाँस की टोकरी, फल, नारियल, ईख, ठेकुआ और दीपक — की खूब बिक्री हुई। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजी धजी घाटों पर सूर्यास्त और उदय के समय अर्घ्य देने पहुंचीं। छठ पर्व के दौरान साबरमती नदी का किनारा श्रद्धा और आस्था से ओतप्रोत दिखाई दिया। पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के दृश्य ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया।
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