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सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, क्राइम ब्रांच ने शातिर ठग को दबोचा
Shantanu Roy
4 Sept 2025 10:04 PM IST

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Indore. इंदौर। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर ठग को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने भोपाल के पुरातत्व विभाग और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक फरियादी और उसके परिजनों से करीब 1 करोड़ 72 लाख 62 हजार रुपये हड़प लिए थे। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपी का नाम राकेश सुमन (41 वर्ष) है, जो इंदौर के लसुडिया का निवासी और मूल रूप से अशोक नगर का रहने वाला है। पढ़ाई-लिखाई में आरोपी ज्यादा सक्षम नहीं है और मात्र 9वीं कक्षा तक ही पढ़ा है। नौकरी के नाम पर शिकार बनाने से पहले वह इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में ड्राइवर का काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात फरियादी डॉ. सुभाष सोनकेसरिया से हुई और यहीं से उसके आपराधिक इरादों की शुरुआत हुई।
ऐसे रचा ठगी का जाल
आरोपी राकेश ने अपने पुराने संपर्कों और सरकारी विभागों की जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उसने खुद को उच्च अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताते हुए फरियादी को भरोसे में लिया और कहा कि वह रेलवे और पुरातत्व विभाग में स्थायी नौकरी दिला सकता है। इस दौरान आरोपी ने कुटरचित नियुक्ति पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाकर पीड़ित को दिखाए। इन कागजातों को देख फरियादी और उसके परिजन पूरी तरह विश्वास में आ गए और आरोपी को धीरे-धीरे बड़ी रकम दे दी।
करोड़ों का नुकसान
विश्वसनीयता कायम करने के लिए आरोपी राकेश ने शुरुआती चरण में छोटे-छोटे आश्वासन दिए। जैसे-जैसे पीड़ित का भरोसा बढ़ता गया, उसने रकम की मांग बढ़ा दी। अंततः फरियादी और उसके परिजनों से आरोपी ने कुल ₹1,72,62,000 रुपये ऐंठ लिए। इस दौरान उसने बार-बार नौकरी मिलने का भरोसा दिलाया लेकिन जैसे ही वादे पूरे नहीं हुए, पीड़ित ने मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत दर्ज होते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी और मानवीय संसाधनों का इस्तेमाल कर आरोपी की तलाश शुरू की। लंबे समय तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद पुलिस ने उसे इंदौर के लसुडिया इलाके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने ठगी की पूरी वारदात कबूल कर ली।
कबूलनामे में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ के दौरान राकेश सुमन ने बताया कि उसने सरकारी विभागों में नौकरी का झांसा देकर कई लोगों से संपर्क किया था। अधिकांश मामलों में उसने फर्जीवाड़े से पैसा ऐंठकर खुद और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कीं। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह खुद कभी किसी सरकारी विभाग में कार्यरत नहीं रहा लेकिन नौकरी के लालच और बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर ठगी का धंधा करने लगा। क्राइम ब्रांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कुटरचित दस्तावेज बनाने के गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आ सकता है कि आरोपी ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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