भारत

जोड़ियां स्वर्ग में नहीं, नरक में बनती है... हाई कोर्ट की टिप्पणी

jantaserishta.com
30 Jan 2022 8:18 PM IST
जोड़ियां स्वर्ग में नहीं, नरक में बनती है... हाई कोर्ट की टिप्पणी
x
पढ़े पूरी खबर

मुंबई: 'जोड़ियां स्वर्ग में नहीं, नरक में बनती हैं', एक घरेलू विवाद की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी की. हाईकोर्ट के जस्टिस सारंग कोतवाल की बेंच एक पति की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसकी पत्नी ने क्रूरता और दहेज की मांग करने का आरोप लगाया था और यह शादीशुदा कपल साथ रहने को तैयार नहीं था.

अदालत ने देखा कि पति और पत्नी ने एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस शिकायतें दर्ज कराई थीं, जस्टिस एसवी कोतवाल ने आदेश में कहा, "एफआईआर से पता चलता है कि पति और पत्नी एक साथ नहीं रह सकते हैं. उनके बीच लगातार झगड़े होते थे." मामले की सुनवाई के दौरान, जस्टिस कोतवाल ने गुस्से में यह भी टिप्पणी की थी कि "जोड़ियां स्वर्ग में नहीं, नरक में बनती हैं."
मामला यह है कि एक महिला ने दिसंबर 2021 में अपने पति के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि 2017 में उनकी शादी के दौरान पति का परिवार अपने घर के हर सदस्य के लिए एक सोने का सिक्का चाहता था. चूंकि महिला का परिवार मांग को पूरा नहीं कर सका, इसलिए ससुरालवाले उसे को परेशान करने लगे. पत्नी ने दावा किया कि उसने फ्लैट खरीदने के लिए 13,50,000 रुपये दिए, जिसमें दंपति अपने 3 साल के बेटे के साथ रहते थे. उसने यह भी आरोप लगाया कि पति ने यह दिखाने के लिए खुद पर कुछ घाव किए कि पत्नी ने उसके साथ मारपीट की थी.
दूसरी ओर पति का आरोप यह था कि उसने फ्लैट के लिए 90,00,00 रुपये का लोन लिया था और शादी के बाद वह अपनी पत्नी को मॉरीशस ले गया था और उसे एक महंगा सेल फोन भी गिफ्ट में दिया था. उसने कुछ वॉट्सएप चैट के जरिए अदालत को बताया कि कैसे उसे पत्नी द्वारा लगातार परेशान कर रही थी. पति ने आरोप लगाया कि पत्नी के खिलाफ उसने एक शिकायत दर्ज कराई थी, और जवाब स्वरूप पत्नी ने भी पति पर केस दर्ज करा दिया.
जस्टिस कोतवाल ने कहा, दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंची कि पति की हिरासत से इस मुद्दे का हल नहीं होगा. जांच के उद्देश्य से भी पुरुष से हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है. उसे जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए कहा जा सकता है. आरोप और जवाबी आरोप हैं, जिनका फैसला केवल सुनवाई के दौरान ही किया जा सकता है. उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में पति को एक या अधिक जमानतदारों के साथ 30,000 रुपये के मुचलके पर जमानत पर रिहा किया जाए.
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story