देश के CJI एनवी रमण का बयान, अदालत के आदेशों की अनदेखी करने की बढ़ती सरकारी प्रवृत्ति चिंता का विषय

नई दिल्ली. भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) एनवी रमण (NV Ramana) ने रविवार को कहा कि यह धारणा एक मिथक है कि न्यायाधीश (Justice) ही न्यायाधीशों की नियुक्ति कर रहे हैं क्योंकि न्यायपालिका, न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल कई हितधारकों में से महज एक हितधारक है. सीजेआई ने इस दौरान शासन की ओर से कोर्ट के आदेश न मानने और असम्मान करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि जब तक शासन और विधायिका के बीच तालमेल और सहयोग नहीं होगा, तब तक अकेले न्यायपालिका लोगों को न्याय दिलाना सुनिश्चित नहीं कर सकती.
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