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कफ सिरप सिंडिकेट: 100 करोड़ की तस्करी का खेल, FIR दर्ज

SHIDDHANT
29 Nov 2025 12:16 AM IST
कफ सिरप सिंडिकेट: 100 करोड़ की तस्करी का खेल, FIR दर्ज
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लेन-देन हवाला
Purvanchal पूर्वांचल: प्रतिबंधित कोडीन मिक्स कफ सिरप की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के 100 करोड़ रुपये से बड़े घोटाले में अब पूर्वांचल के दो बड़े बाहुबलियों के नाम जोर-शोर से सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया है। एक वीडियो में बाहुबली अमित टाटा को ‘अपना छोटा भाई’ कहते देखा गया है।
9777 नंबर वाली फॉर्च्यूनर ने खोला राज
उत्तर प्रदेश STF ने अमित टाटा के पास से एक लग्जरी फॉर्च्यूनर जब्त की है। इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर UP65-9777 है। यह वही खास नंबर है जो पूर्वांचल के एक बड़े बाहुबली के काफिले की हर गाड़ी में होता है। गाड़ी अमित टाटा की पत्नी साक्षी सिंह के नाम पर है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार यह गाड़ी अक्सर बाहुबली के काफिले में ही चलती देखी जाती थी।
STF की पूछताछ में अमित टाटा ने स्वीकार किया कि वह और शुभम जायसवाल हर साल दुबई और थाईलैंड के पटाया घूमने जाते थे। करोड़ों रुपये का लेन-देन हवाला के जरिए होता था। 5 लाख के निवेश से 30 लाख तक का मुनाफा कमाया जाता था। इसी लालच में वह शुभम का पार्टनर बना। सोशल मीडिया पर शुभम और अमित टाटा की दुबई सफारी की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।
बांग्लादेश तक फैला नेटवर्क, पंचायत चुनाव की तैयारी
STF जांच में सामने आया कि झारखंड की देव कृपा मेडिकल एजेंसी और वाराणसी की श्री मेडिकल एजेंसी अमित टाटा के नाम थीं, लेकिन पूरा काम शुभम जायसवाल और उसकी टीम देखती थी। कोडीन मिक्स सिरप की खेप बांग्लादेश तक जाती थी। इसी काले धन से अमित टाटा आने वाले पंचायत चुनाव में ब्लॉक प्रमुख बनने की तैयारी कर रहा था।
कंपनी बंद होने के बाद भी चलता रहा धंधा
जांच में यह बात सामने आई कि जिस कंपनी ने कोडीन मिक्स सिरप का उत्पादन सालों पहले बंद कर दिया था, शुभम जायसवाल की दो फर्में अभी भी उसकी ‘सुपर स्टॉकिस्ट’ बनी हुई थीं। इसमें फर्जी बिल, फर्जी जीएसटी नंबर समेत कई घोटाले शामिल थे।
मुख्य आरोपी दुबई फरार, बाहुबली कनेक्शन की जांच
मुख्य किंगपिन शुभम जायसवाल, उसका भाई गौरव जायसवाल और साथी वरुण सिंह इस समय दुबई में हैं। UP STF ने तीनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। अब इनके ‘बाहुबली कनेक्शन’ की अलग से जांच शुरू की गई है। पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने DGP से बाहुबली की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
जांच के दौरान यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस अरबों रुपये के नशे के साम्राज्य के पीछे केवल कुछ छोटे तस्कर थे या इसके पीछे पूर्वांचल के बड़े-बड़े बाहुबलियों का संरक्षण और आशीर्वाद भी शामिल था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, परत दर परत कई बड़े नाम उजागर होते दिख रहे हैं।
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