
महाराष्ट्र। मुंबई से सटे ठाणे जिले के डोंबिवली में एक सरकारी अस्पताल के भीतर महिला डॉक्टर और कर्मियों के साथ बर्बरता से मारपीट करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चौतरफा आक्रोश फैल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के कमिश्नर अभिनय गोयल ने आरोपी कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। रमेश म्हात्रे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के स्थानीय नेता हैं।
इस हिंसक हमले के विरोध में डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद नवजात शिशु के लिए नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) बेड की अनुपलब्धता को लेकर शुरू हुआ। अस्पताल में एक नौ महीने की गर्भवती महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि गर्भस्थ शिशु के गले में गर्भनाल दो बार लिपटी हुई है, जिसके कारण डिलीवरी के तुरंत बाद बच्चे को एनआईसीयू की जरूरत पड़ सकती थी।
चूंकि अस्पताल के सभी एनआईसीयू बेड पहले से भरे हुए थे, इसलिए महिला डॉक्टर ने परिवार की भलाई के लिए उन्हें किसी दूसरे बड़े अस्पताल में ले जाने या बेड की व्यवस्था होने तक इंतजार करने की सलाह दी। इस बीच डॉक्टरों की टीम खुद दूसरे अस्पतालों से संपर्क कर बेड तलाशने में जुट गई। इसी दौरान मरीज के परिजनों ने स्थानीय कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को फोन कर दिया। व्यस्त होने के कारण जब डॉक्टर म्हात्रे का फोन नहीं उठा सके तो वे अपने समर्थकों के साथ आगबबूला होकर अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल के कमरे से सामने आए करीब 3 मिनट लंबे सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि रमेश म्हात्रे और उनके साथ आए पुरुष और महिलाएं बिना स्थिति को समझे डॉक्टरों और स्टाफ पर टूट पड़े। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और अन्य स्टाफ को बेरहमी से थप्पड़ और घूंसे मारने शुरू कर दिए। वीडियो में दिख रहा है कि हमले के बीच एक महिला डॉक्टर मदद के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही थी। जब हमलावरों ने उसका फोन छीनने का प्रयास किया तो वह एक मेज के पीछे चली गई। इसी दौरान कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे ने पीछे से आकर महिला डॉक्टर पर इतनी तेजी से हाथ चलाया कि उनका फोन छिटककर दूर जा गिरा। बीच-बचाव करने आई दो नर्सों को भी बुरी तरह धक्का दिया गया और मक्के मारे गए। डॉक्टरों का आरोप है कि जाते-जाते म्हात्रे ने उन्हें अस्पताल से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी भी दी।





