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मंत्री के ‘टिप’ वाले बयान पर विवाद, बोले- ईमानदार अधिकारी को सम्मान में कुछ देना गलत नहीं

jantaserishta.com
21 Sept 2026 4:04 PM IST
मंत्री के ‘टिप’ वाले बयान पर विवाद, बोले- ईमानदार अधिकारी को सम्मान में कुछ देना गलत नहीं
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उठे सवाल.
नई दिल्ली: कर्नाटक के मंत्री केएम शिवलिंगेगौड़ा के सरकारी अधिकारियों को ‘टिप’ देने संबंधी बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। मंत्री ने कहा था कि अधिकारी अगर समय पर और ईमानदारी से काम करता है तो सम्मान के तौर पर उसे खुशी से कुछ देना गलत नहीं है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ही उनके बयान पर सवाल उठाए, जिसके बाद मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया। विवाद बढ़ने पर मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और वह रिश्वत के समर्थन में नहीं हैं।
जन शिकायत कार्यक्रम में मंत्री के बयान पर उठे सवाल
मंत्री केएम शिवलिंगेगौड़ा शनिवार को हासन जिले में आयोजित ‘प्रजासेवा आंदोलन’ कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान अलूर तालुक के किसान पुनीत ने जमीन से जुड़ी शिकायत सामने रखी। पुनीत ने सवाल किया कि जब सरकारी अधिकारियों को उनके काम के लिए वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से ‘टिप’ देने की जरूरत क्यों होनी चाहिए। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद कई अन्य लोग भी उनके समर्थन में सामने आए। इस मुद्दे को लेकर मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मंत्री के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। लोगों ने भी सवाल उठाया कि सरकारी कर्मचारियों को पहले से वेतन मिलने के बावजूद उन्हें अलग से पैसे देने की बात क्यों कही जा रही है।
मंत्री ने दी सफाई, कहा- रिश्वत का समर्थन नहीं
विवाद बढ़ने के बाद शिवलिंगेगौड़ा ने अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया है।
मंत्री के मुताबिक, जो अधिकारी ईमानदारी से अपना काम करते हैं, उनके काम की सराहना और सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी को आम लोगों से पैसे मांगने का अधिकार नहीं है।
शिवलिंगेगौड़ा ने कहा कि वह रिश्वत देने या लेने का समर्थन नहीं करते हैं। मामले को बढ़ता देखकर हासन की डिप्टी कमिश्नर केएस लता कुमारी ने भी हस्तक्षेप किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों को शांत कराया।
BJP ने कांग्रेस सरकार से पूछे सवाल
मंत्री के बयान को लेकर भाजपा ने भी कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। भाजपा MLC सीटी रवि ने पूछा कि जब सरकार रिश्वत के खिलाफ कार्रवाई और शिकायत की बात करती है, तो उसके मंत्री अधिकारियों को ‘सम्मान’ के नाम पर पैसे देने की बात क्यों कर रहे हैं।
सीटी रवि ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पुराने बयान का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पहले अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगे जाने पर शिकायत करने की बात कह चुके हैं। भाजपा की ओर से इसी आधार पर मंत्री के बयान को लेकर सवाल उठाए गए और इसे लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
मंत्री के बयान का वीडियो सामने आने के बाद इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि सरकारी अधिकारियों को उनके काम के लिए वेतन दिया जाता है, ऐसे में अलग से ‘टिप’ देने की बात किस तरह सही मानी जा सकती है।
कुछ लोगों ने मंत्री की टिप्पणी को रिश्वत को सामान्य बनाने वाला बयान बताया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि मंत्री ने अपने स्पष्टीकरण में इस तरह की व्याख्या को स्वीकार नहीं किया और कहा कि उनका उद्देश्य ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान करने की बात कहना था।
फिलहाल विवाद मंत्री के शुरुआती बयान और उसके बाद दिए गए स्पष्टीकरण को लेकर बना हुआ है। मामले में कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों की आपत्ति और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
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