भारत
बगैर फार्मासिस्ट दवा दुकान खोलने के सरकार के फैसले पर खड़ा हुआ विवाद
jantaserishta.com
6 July 2023 6:00 PM IST

x
सरकार का फैसला विवादों में घिर गया है।
रांची: झारखंड में दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता खत्म करने का झारखंड सरकार का फैसला विवादों में घिर गया है। सीएम हेमंत सोरेन ने हाल में इसका ऐलान किया था। इस फैसले के विरोध में झारखंड के फार्मेसी कॉलेज के विद्यार्थियों और फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने गुरुवार को राजभवन के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस फैसले को वापस लेने की अपील की है।
पीसीआई ने झारखंड सरकार से अपील करते हुए कहा है कि ग्रामीण इलाकों में बगैर पंजीकृत फार्मासिस्टों के दवा दुकानें संचालित करने का फैसला वापस लें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को लिखे गए पत्र में काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. मोंटू कुमार पटेल ने कहा है कि बगैर फार्मासिस्ट दवा दुकान चलाने से जुड़ी अधिसूचना फार्मेसी अधिनियम 1948 और फार्मेसी रेगुलेशन प्रैक्टिस 2015 का उल्लंघन है। पत्र में उन्होंने कहा है कि हालिया अधिसूचना को वापस लेकर झारखंड में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 लागू किया जाए।
पीसीआई के अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में फार्मेसी का कोई ज्ञान न रखनेवाले किसी भी व्यक्ति के फार्मेसी के पेशे में आने पर कोई प्रतिबंध नहीं था। लेकिन, इस तरह की गैर नियमित कार्यप्रणाली से लोगों के स्वास्थ्य को बहुत नुकसान पहुंचा। इसी को देखते हुए फार्मेसी के पेशे और कार्यप्रणाली को विनियमित करने के लिए फार्मेसी अधिनियम 1948 बनाया गया।
डॉ. पटेल ने कहा कि फार्मेसी अधिनियम की धारा 42 में कहा गया है कि पंजीकृत फार्मासिस्ट के अलावा कोई भी व्यक्ति चिकित्सक के नुस्खे पर किसी भी दवा को मिश्रित, तैयार या बिक्री नहीं करेगा। जो कोई भी इसका उल्लंघन करेगा, उसे छह महीने की सजा या एक हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।
डॉ. पटेल ने कहा कि इन धाराओं के स्पष्ट प्रावधानों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से बरकरार रखा जा चुका है और यह 1984 से पूरे देश में लागू है। अखिल भारतीय फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन की झारखंड प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शशिभूषण प्रसाद ने सरकार के इस फैसले को आत्मघाती बताया है।
राजभवन पर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड में फार्मेसी की पढ़ाई कराने वाले 56 कॉलेज हैं और राज्य में लगभग 10 हजार निबंधित फार्मासिस्ट हैं। एक ओर जहां सरकार फार्मासिस्ट के पदों पर बहाली नहीं कर रही, वहीं अब इस तरह के फैसले से बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट बेरोजगार हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वाले फार्मासिस्टों ने अपनी मांग को लेकर राजभवन को एक ज्ञापन भी सौंपा।
Tagsझारखंडझारखंड न्यूज़फार्मासिस्टझारखंड सरकारJharkhandJharkhand NewsPharmacistGovernment of Jharkhand
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





