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ढाबा संचालक से मारपीट के बाद युवती को ले गए सिपाही, गिरफ्तार

Shantanu Roy
10 Aug 2026 5:35 PM IST
ढाबा संचालक से मारपीट के बाद युवती को ले गए सिपाही, गिरफ्तार
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Kushinagar. कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से पुलिसकर्मियों से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। कसया थाने में तैनात दो सिपाहियों पर ढाबा संचालक के साथ मारपीट करने और इसके बाद पड़ोस में रहने वाली एक युवती को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाने का आरोप लगा है। युवती ने पुलिस के सामने दिए बयान में आरोप लगाया कि हाईवे पर चलती स्कॉर्पियो में सिपाहियों ने उसके साथ छेड़खानी और गलत हरकत की। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सिपाही उमाशंकर यादव और महेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात कसया क्षेत्र में एक ढाबे पर विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि कसया थाने में तैनात दोनों सिपाही ढाबे में पहुंचे और ढाबा संचालक के साथ मारपीट करने लगे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली दो सगी बहनें बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंचीं। दोनों बहनें बिहार के सिवान जिले की रहने वाली बताई जा रही हैं और कसया में किराए के कमरे में रहकर ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं। आरोप है कि विवाद के दौरान सिपाहियों ने बड़ी बहन को जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया। छोटी बहन के अनुसार, रात करीब दो बजे सिपाहियों ने उसकी बड़ी बहन को थाने ले जाने की बात कही और उसे वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद काफी देर तक युवती का कोई पता नहीं चला। छोटी बहन ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उसकी बहन को अगले दिन सुबह करीब 5:30 बजे वापस कमरे पर लाया गया।
पुलिस के सामने दिए बयान में युवती ने आरोप लगाया कि उसे हाईवे पर चलती स्कॉर्पियो में ले जाया गया। इसी दौरान दोनों सिपाहियों पर उसके साथ छेड़खानी और गलत हरकत करने का आरोप लगाया गया है। युवती के मुताबिक, उसने आरोपियों से उसे छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन उसे कथित तौर पर राहत नहीं दी गई। घटना की जानकारी मंगलवार सुबह पुलिस अधीक्षक तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने जांच शुरू कराई। पुलिस ने शिकायत और युवती के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों ने संबंधित लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में युवती द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद देर रात आरोपी सिपाहियों उमाशंकर यादव और महेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी कसया थाने में तैनात थे। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपी सिपाही उमाशंकर यादव दो साल से अधिक समय से कसया थाने में तैनात था। क्षेत्र में उसकी सक्रियता भी बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम दोनों सिपाही एक बाल अपचारी को गोरखपुर छोड़ने के लिए गए थे। इसके बाद देर रात ढाबे पर विवाद और युवती को वाहन में ले जाने की घटना सामने आई। मामले में ढाबा संचालक के साथ हुई मारपीट के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ढाबे पर विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और सिपाहियों ने वहां पहुंचकर ढाबा संचालक के साथ किस परिस्थिति में मारपीट की। इसके साथ ही युवती को थाने ले जाने की बात कहकर वाहन में बैठाने और बाद में उसे वापस छोड़ने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों पर इस तरह के आरोप सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है। युवती की शिकायत और बयान के आधार पर पुलिस ने दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार किया है। अब मामले की आगे की विवेचना में घटनास्थल, वाहन और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना के दौरान और कौन-कौन लोग मौजूद थे तथा पूरे घटनाक्रम में उनकी क्या भूमिका रही।
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