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CM सुखविंदर सुक्खू के भाषण के बाद भोजन नहीं मिलने से कांग्रेसियों में भारी आक्रोश

Shantanu Roy
5 Oct 2025 11:19 PM IST
CM सुखविंदर सुक्खू के भाषण के बाद भोजन नहीं मिलने से कांग्रेसियों में भारी आक्रोश
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Himachal Pradesh. हिमाचल प्रदेश। राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (कांग्रेस) द्वारा आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में जनता को भाषण के बाद भोजन की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह व्यवस्था पूरी न होने के कारण स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने भाषण में विकास, जनकल्याण और राज्य की योजनाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। भाषण समाप्त होने के बाद जनता भोजन के लिए पंगत में बैठ गई, लेकिन काफी देर तक पत्तल और भोजन नहीं पहुंचे।


भोजन की प्रतीक्षा करते हुए लोग असहज और परेशान हो गए। जैसे ही आशा टूटने लगी, लोगों ने सुक्खू के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करनी शुरू कर दी। लोगों ने नारे लगाए, जैसे- “सुक्खू ने बुलाया है, भूख से तड़पाया है।” स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्हें भोजन का वादा करके केवल कार्यक्रम में बुलाया गया, जबकि सच्चाई यह रही कि कोई भी भोजन की व्यवस्था नहीं की गई थी। इस घटना ने कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित कुछ लोगों ने मीडिया को बताया कि भोजन न मिलने से लोगों का धैर्य समाप्त हो गया और कई लोग बिना भोजन किए घर लौट गए। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि यह कार्यकर्ताओं और आयोजकों की अव्यवस्था और लापरवाही का उदाहरण है। वहीं कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं ने दावा किया कि भोजन की व्यवस्था पहले से ही की गई थी, लेकिन जनसांख्यिकीय दबाव और असमय उपस्थित होने के कारण लोगों तक यह भोजन नहीं पहुँच पाया। हालांकि, जनता ने इसे पर्याप्त तर्क नहीं माना और मुख्यमंत्री के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की पर्याप्त योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। यदि यह नहीं होता है तो नेताओं की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और जनता का भरोसा टूट सकता है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी नाराजगी और आलोचना देखने को मिली। लोग CM सुक्खू और कार्यक्रम आयोजकों की असफलता और अव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और कांग्रेस पार्टी के अधिकारियों ने फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि भोजन न मिलने की घटना ने जनता में गुस्सा और असंतोष पैदा किया है, जो राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि जनता को केवल भाषण और वादों से नहीं, बल्कि वास्तविक क्रियान्वयन और सुविधाओं के माध्यम से संतुष्ट किया जा सकता है।
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